धूमधाम से मनाया गया पूर्व प्रधानमंत्री का जन्मोत्सव

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रिपोर्ट -श्रीनिवास सिंह मोनू

लखनऊ। सामाजिक न्याय की लड़ाई के अप्रतिम योद्धा, मण्डल कमीशन को लागू करने वाले व किसान मंच के संस्थापक पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की जयन्ती मंगलवार को किसान मंच के प्रदेश कार्यालय पर धूमधाम से मनाई गई।
यहां पर किसानमंच के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी रिंकू व प्रदेश महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष पारूल भार्गव के साथ सैकड़ों की संख्या में किसानमंच के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर किसानमंच के संस्थापक स्वर्गीय विश्वनाथ प्रताप सिंह जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उनको याद किया।
बताते चलें कि स्वर्गीय वीपी सिंह का जन्म 25 जून 1931 को प्रयागराज के एक संपन्न परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम राजा बहादुर रामगोपाल सिंह था। तथा इनकी मृत्यु असमय ही बीमारी के चलते 27 नवंबर 2008 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में हुई थी।

श्री सिंह स्वतंत्र भारत के आठवें प्रधानमंत्री बने।
बताते हैं कि उनकी विद्यार्थी जीवन से ही राजनीति में दिलचस्पी थी साथ ही समृद्ध परिवार से होने के कारण युवावस्था में ही उन्हें सफलता प्राप्त हो गई थी। वह राजनीतिक जीवन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर विभिन्न मंत्रालयों को संभालते हुए अंत में प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गए थे। वह प्रधानमंत्री के रूप में भारत की पिछड़ी जातियों में सुधार करने की कोशिश के लिए जाने जाते थे। व्यक्तिगत तौर पर वीपी सिंह बेहद निर्मल स्वभाव के थे और प्रधानमंत्री के रूप में उनकी छवि एक मजबूत और राजनीतिक दूरदर्शी व्यक्त की थी। उन्होंने मंडल कमीशन की सिफारिशों को मान कर देश में वंचित समुदायों की सत्ता में भागीदारी पर मोहर लगा दी थी।