नहरों में पानी न आने से किसानों का हाल बेहाल

224
newyearwish

लखनऊ /बंथरा। हमारे जीवन में पानी का बहुत ही महत्व है चाहे वह पीने के लिए हो हमारे पशुओं के लिए हो या खेती में सिंचाई के प्रयोग के लिए हो।

तभी कहा गया है कि पानी बिना सब सूना होता है। इस कहावत को कहीं तक बंथरा क्षेत्र की सूखी पड़ी नहरें व तालाब चरितार्थ करते हुए साबित हो रहे हैं। क्षेत्र में पड़ने वाले मोहान रजबहा अमौसी रजबहा के साथ बेती माइनर व भटगांव माइनर सहित दर्जनों की संख्या में ग्रामीण इलाकों में तालाबों के सूखने के बावजूद भी लोगों को नहरों में पानी देखने को नहीं मिल पा रहा है।
इतनी गर्मी के बावजूद भी पानी न होने के कारण किसानों को जहां उनकी फसलों जैसे आम की बागों की सिंचाई सब्जियों की सिंचाई के साथ साथ क्षेत्र की गर्मियों की मुख्य फसल धान की रोपाई का भी समय है किंतु पानी न होने के कारण यह सभी फसलों की बुवाई देरी हो रही है इसके साथ ही मवेसियों को भी पीने के पानी के लाले पड़े हैं।

जहां एक ओर सरकार किसानों को उनकी आय दोगुनी करने की बात कर रही है वही मुख्य नहरों में लगातार पानी ना आने से उनसे निकलने वाली छोटे-छोटे मायनरों के द्वारा जिन सैकड़ों गांवों के किसानों की फसलों की सिंचाई हो जाया करती थी वह भी अभी तक सूखे पड़े हैं। बावजूद सभी किसान अभी भी पानी आने का रास्ता ताक रहे हैं। किंतु सिंचाई विभाग है कि केवल नहरों की सफाई के नाम पर तो लाखों रुपए डकार जाता है, किंतु पानी की कोई व्यवस्था हो या ना हो इस पर ध्यान नहीं दिया जाता है।