पशु आश्रय केंद्रो के संचालन में हो रही हीला हवाली की शासन से जांच की मांग

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लखनऊ: पशु आश्रय केंद्रों की स्थापना, क्रियान्वयन, संचालन व प्रबंधन में घोर अनियमितता बरती जा रही है। आश्रय स्थलों में चारे, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था ना होने के कारण कड़ी धूप में खुले में रह रहे गोवंशीय पशुओं की असमायिक मृत्यु हो रही है। वह गोकशी का शिकार होते जा रहे हैं। यह बात किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी रिंकू ने कही। वह मंगलवार को सरोजनीनगर स्थित एक निजी गेस्ट हाउस में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में छुट्टा व आवारा जानवरों को एक जगह सकुशल रखने के लिए गोवंश स्थलों की स्थापना, क्रियान्वयन व प्रबंधन हेतु समिति का गठन किया गया है। लेकिन इसे अनदेखा कर मात्र कागजी कार्रवाई की जा रही है। जिसकी वजह से निराश्रित व बेसहारा गोवंश काफी संख्या में सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर घूम रहे हैं। इससे किसानों को भी काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकतर जगहों पर पशु आश्रय केंद्र के नाम पर मात्र कटीले तारों का घेरा बना दिया गया है, जबकि कहीं कहीं पर तो केवल गहरी खाई खोदकर ही उसे पशु आश्रय केंद्र का नाम दे दिया गया है। वहां पर ना तो जानवरों के चारे पानी की कोई व्यवस्था है और ना ही छाया व रोशनी के अलावा गौशाला की सुरक्षा व चिकित्सा की कोई व्यवस्था है। इस वजह से आश्रय स्थलों में ही गोकशी की जा रही है। देवेंद्र तिवारी ने बताया कि उदाहरण के लिए सरोजनीनगर के चक गांव में पशु आश्रय केंद्र के नाम पर चारों तरफ 10- 10 फीट गड्ढे खोद दिए गए हैं। कोई टीन सेट भी नहीं है। जिसकी वजह से गोवंशीय पशु आए दिन गड्ढे में गिरकर मौत का शिकार हो रहे हैं। यही हाल यहां के रामचौरा, बेहटा,नारायणपुर व लटउवा आदि गांवों का है। जहां मात्र कटीले तारों का घेरा बनाकर गोवंश आश्रय स्थल बना दिया गया है। इसी तरह प्रदेश के अन्य जिलों में भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अपने भ्रमण के दौरान कई जगहों पर उन्होंने पशु आश्रय स्थलों की फोटो लेने का प्रयास किया तो वहां के संबंधित ग्राम प्रधान व उनके गुर्गों ने उन्हें जान माल की धमकी देते हुए वहां से भगा दिया और यह धमकी दी कि कहीं भी अगर आश्रय स्थलों के संबंध में शिकायत की तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। देवेंद्र तिवारी ने गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना में ब्लॉक स्तर से लेकर मंडल स्तर के अधिकारियों तक बड़ी तादाद में सरकारी धन का गबन किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने आश्रय स्थलों के निर्माण व संचालन में हो रही धांधली को लेकर मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त और पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर शासन स्तर पर इसकी जांच कराने की मांग की है। इस मौके पर किसान मंच महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष पारुल भार्गव,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शुशील द्ववेदी, श्रीप्रकाश शुक्ला,मिडिया प्रभारी नवीन के साथ तमाम कार्यकर्ता उपस्थित रहे।