गठबंधन प्रत्याशी सीएल वर्मा की बढ़ी मुश्किलें, किसी भी वक्त हो सकता है बड़ा फैसला

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लखनऊ । मायावती सरकार के समय हुए यूपी लेबर एंड कंस्ट्रक्शन को-ऑपरेटिव फेडरेशन (लैकफेड) घोटाले में तत्कालीन मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और उनके खासमखास निजी सचिव सीएल वर्मा का नाम आया था अब यही सीएल वर्मा मोहनलालगंज से गठबंधन प्रत्याशी हैं। सचिवालय में निजी सचिव की नौकरी से राजनीति में आए सीएल वर्मा की शानो-शौकत देखने लायक है। खुद भी करोड़पति हैं। पत्नी व बच्चों के नाम भी काफी संपत्ति है।

विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक चुनावी एफिडेबिट में वर्मा ने अपने जिन-जिन संपत्तियों के खुलासे किये हैं। हकीकत में उनके पास संपत्तियां घोषित संपत्तियों से ज्यादा है। राजधानी के सुल्तानपुर रोड और उन्नाव में फार्म हाउस, बैंगलोर में एक रिटायर आईएएस की पार्टनरशिप में होटल की चर्चा जग जाहिर जाहिर है। बसपा सरकार में तत्कालीन मंत्री नसीमुददीन सिददीकी के कार्यकाल में एक साथ एक दर्जन ट्रैक्टर खरीद को लेकर भी चर्चा में रहे। इस पर विवाद भी हुआ। पर सत्ता में अपने रसूख के चलते उन्होंने सभी मामलों को दबा दिया। चुनावी बदकही में यह भी बात उठी की जब वह सिददीकी के निजी सचिव थे। तब उन्होंने मोहनलालगंज इलाके में कायदे-कानूनों को धता बताते हुये एक जाति विशेष के लोगों को सरकारी मुलाजिम बनाने में सत्ता बल का दुरूपयोग किया। उनके संसदीय क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि नोएडा में उनकी करोड़ों की संपत्ति है।

सिंचाई विभाग के तत्कालीन भ्रष्ट अधिशासी अभियंता राकेश कुमार के साथ इनके गठजोड़ ने महकमे में खूब गुल खिलाया था। चाहे आशुलिपिक भर्ती का मामला हो या ठेके पटटों का। भर्तियों में तो मनमाने तरीके से अयोग्यों का चुनाव किया गया। उस पर बवाल भी हुआ था। पर सरकार के सबसे ताकतवर वजीर के खास प्यादा होने की वजह से कागजातों में उनकी तरफ उठी उंगली की सफाई देने में पूरा महकमा जुट गया था। सिंचाई महकमे के जानकारों की मानें तो विभाग में उनके अनियमितताओं की लम्बी फेहरिस्त है। पर सरकारों ने उस पर कोई एक्शन नहीं लिया।

पत्नी बच्चे भी करोड़पति

गठबंधन प्रत्याशी सीएल वर्मा की चल संपत्ति 74,18,419.44 रुपये है। पत्नी के नाम 67,26,807.16 रुपये, बेटे के पास 41,43,692 रुपये और बेटी के पास 1,82,144 रुपये हैं। इनकी कुल अचल संपत्ति 1,89,67,499 रूपये की है। पत्नी के पास 1,08,73,200 और बेटे के पास 3,50,56,103 रूपये की अचल संपत्ति है। इनके पास लाइसेंसी पिस्टल और रिवाल्वर है। सीएल वर्मा ने 1991 में सचिवालय में निजी सचिव के पद पर सरकारी नौकरी ज्वाइन की और अक्टूबर 2018 में वीआरएस ले लिया।

भडके सीएल वर्मा

अपनी चल-अचल सपत्तियों का व्योरा निर्वाचन आयोग में दिये हुए शपथ-पत्र में सीएल वर्मा ने तथ्यों को छिपाया है। ऐसे में वोटिंग से ठीक एक दिन पहले हुए इस खुलासे ने गठबंधन प्रत्याशी सीएल वर्मा की जहाँ एक ओर नींद उड़ाकर रख दी है वहीँ इसको लेकर मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल पर खीझते हुए सीएल वर्मा ने कहा कि हम सरकार से लड़ रहे हैं।