किसान हितों की रक्षा करने वाली सरकार का होगा समर्थन- देवेन्द्र तिवारी

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श्रीनिवास सिंह मोनू

लखनऊ: देश में आजादी के बाद अब तक कई राजनीतिक दलों की सरकारें सत्ता पर काबिज हुई इस दौरान कई राजनीतिक, व्यापारिक, औद्योगिक घरानों या देश के दूसरे क्षेत्रों में बड़ा आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिला। देश निरंतर प्रगति की राह पर अग्रसर होता रहा परंतु आज इतने वर्षों के बाद भी अगर किसी क्षेत्र में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है तो वह है किसानों की दशा में, कहने को तो किसानों को भारतवर्ष में अन्नदाता का दर्जा दिया जाता है परंतु उनकी वास्तविक हालत आज भी दयनीय ही है। कई जगहों पर आज भी किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। आज भी सरकारें किसानों के नाम पर केवल क्षणिक छलावे ही करती रहती हैं। उनको बरगलाने के लिए चुनावी समय में छोटी मोटी घोषणाएं कर देती है इसके बाद चुनाव खत्म होते ही किसानों को भूल जाती हैं चाहे बुवाई के समय खाद की किल्लत हो सिंचाई के समय पानी की समस्या फसलों का उचित मूल्य या फिर गन्ना किसानों का समय से भुगतान इन सब में सरकारों की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जाता है।

और अब देश में फिर से लोकसभा का चुनाव हो रहा है, तो तमाम राजनीतिक पार्टियां किसानों के लिए तमाम तरह की छुटपुट घोषणाएं करते हुए उनकी हितैषी होने का दावा कर रही है। फिर से राजनीतिक दल किसानों के हितों को साधने की जुगत में लगे हुए हैं, लेकिन किसानों की वास्तविक जरूरतें जैसे कि उनकी फसलों का बीमा, फसलों का उचित दाम, भंडारण की समस्या, खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो व खास तौर पर संपूर्ण भारत में किसानों को उपलब्ध कराई जाने वाली बिजली मुफ्त हो यही किसानमंच का एजेंडा है और यही मांगे भी इसलिए जो भी राजनीतिक दल किसानों की इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन देगा किसानमंच का पूरा संगठन उस दल को अपना समर्थन देगा।

उक्त बातें आज किसानमंच के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी ने कही।

श्री तिवारी के अनुसार किसान साल भर चाहे जो भी मौसम हो अपनी फसलों की बुवाई से लेकर कटाई तक जाड़ा गर्मी बरसात हर मौसम मेहनत करता रहता है।

इसलिए उनका संगठन किसान हितों की उक्त शर्तों को मानने वाले दल का समर्थन करेगा। और प्रयास करेगा कि पूरे देश में उसी पार्टी की सरकार बने जो किसानों की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए उनकी दशा सुधारने का काम करे।