छुट्टा जानवरों का प्रकोप जारी, गौशाला योजना को अमलीजामा पहनाना साबित हो रहा टेढ़ी खीर

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श्रीनिवास सिंह मोनू 

लखनऊ : प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही जारी सरकारी फरमान से कुछ ही समय के भीतर संपूर्ण प्रदेश में मानो छुट्टा गोवंशो की बाढ़ सी आ गई हो।

जिसके परिणाम स्वरूप सड़क पर राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया साथ ही किसानों की खून पसीने से सीचीं गई फसलों को बर्बाद करने में भी यह जानवर कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

छुट्टा जानवरों के इस आतंक को देखते हुए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पशु आश्रय केंद्र की व्यवस्था करने का आदेश भी जारी कर दिया लेकिन मातहत अधिकारियों की लापरवाही के कारण इस योजना को अमलीजामा पहनाना अभी तक टेढ़ी खीर ही साबित हुआ है।

आज हम बात कर रहे हैं राजधानी क्षेत्र के सरोजिनी नगर विकास खंड में बने कुछ गौशालाओं की जिनमें पिपरसंड, नारायणपुर, अमावा, सैदपुर पुरही, गोंदौली, बेती हैं।
इन नवनिर्मित बने गौशालाओं में अभी तक कुछ ही गौशालाओं का संचालन शुरू हो पाया है बाकी का तो अभी तक संचालन भी नहीं शुरू हुआ है किंतु जिनका संचालन भी हो रहा है उनमें बंद पशुओं की हालत और भी दयनीय हो गई है संबंधित प्रधान से लेकर सचिव व विकास खंड अधिकारी तक इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। आश्रय केंद्रों में बंद आवारा पशुओं को न तो पानी मिल पा रहा है ना चारा और ना ही इस गर्मी में कोई छाया की ही व्यवस्था है, जिसके कारण वह तड़प तड़प कर मरने को मजबूर हैं।WhatsApp Image 2019-03-27 at 2.49.30 PM

इस संबंध में अगर प्रधान से बात करो तो वह कहते हैं कि सरकार से फंड नहीं आ रहा है किंतु जब ऊपर अधिकारियों से बात करो तो वह लगातार कहते हैं कि ₹30 एक जानवर का खर्चा लगातार आ रहा है किंतु इन सभी अंतर्विरोधों के बीच फंसा बेचारा किसान अपनी खून पसीने से सींची हुई फसल को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। इसके विपरीत यदि कभी-कभार ग्रामीण छुट्टा जानवरों को कहीं बंद भी कर देते हैं तो संबंधित अधिकारी सचिव व खंड विकास अधिकारी की ओर से ग्रामीणों और किसानों को एफ आईआर करवा कर जेल में बंद करवाने की धमकी तक दी जाती है।

आज हालत यह है कि किसानों की रबी की फसल तैयार खड़ी है, किंतु लगातार छुट्टा जानवरों के बढ़ते आतंक के कारण उसका बच पाना मुश्किल साबित हो रहा है, जिस कारण से सरकार के प्रयासों के बावजूद भी संबंधित अधिकारियों के लचर रवैए के कारण किसानों में मायूसी की लहर बह रही है।