लखनऊ पुलिस के दामन पर फिर लगे गहरे दाग, रक्षक या भक्षक ?

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लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस की छवि कुछ अच्‍छी नहीं है। कई बार राजधानी में खाकी पर गहरे दाग लगे है। जिन्‍हें आसानी से मिटाया नहीं जा सकता है। इन दिनों लखनऊ के हालात अच्‍छे नहीं हैं कानून व्‍यावस्‍था को अपराधियों ने ताक पर रख छोडा है। एसएसपी कलानिधि नैथानी का जोर अपराध रोकने में नहीं बल्कि आम नागरिको वाहन चेकिंग के नाम पर परेशान करना भर रह गया है। वास्‍तव में देखा जाय तो राजधानी लखनऊ की पुलिस रक्षक कम भक्षक ज्‍यादा नजर आ रही है।

ताजा मामला है गोसाई गंज थाने का जहां पर शनिवार सुबह थाने के दो दरोगा पवन मिश्रा व आशीष तिवारी ने मुखबिर मधुकर मिश्रा व अन्य चार लोगों के साथ ओमेक्स सिटी के फ्लैट नंबर 104 में छापा मारा। पुलिसवालों यहां से एक करोड़ 85 लाख रुपए लेकर फरार हो गए। इसके बाद इनकम टैक्स की टीम ने छापा मारा। टीम ने भी फ्लैट से एक करोड़ 53 लाख रुपए बरामद किए।

लेकिन फ्लैट में रहने वाले ट्रेडिंग व्यापारी के रुपए देखकर होश उड़ गए। उनके मुताबिक, घर में तीन करोड़ 38 लाख रुपए रखे थे। इस बात से किरकिरी होते देख एसएसपी कलानिधि नैथानी जांच के आदेश दिए। जांच में मामला सही पाए जाने पर दोनों दरोगाओं समेत सात पर डकैती का केस दर्ज किया गया है।

जानें पूरा मामला

व्यापारी अंकित अग्रहरी ने बताया कि उनका कोयला और मौरंग का ट्रेडिंग व्यापार है। वे ओमेक्स सिटी के फ्लैट के फ्लैट नंबर 104 में किराए पर रहते हैं। सुबह करीब 7 बजे 7 लोगों ने बिल्डिंग के चौकीदार को मारपीट कर मेरे दरवाजे तक ले कर आए और चौकीदार के माध्यम से मेरा गेट खटखटाया। इसके बाद जब मैंने दरवाजा खोला तो वो लोग चौकीदार को धक्का देते हुए मेरे फ्लैट के अंदर घुस गए।

असलहा निकाल कर मारने धमकाने लगे। व्यापारी के मुताबिक 7 लोगों में से 2 लोग पुलिस की वर्दी पहने हुए थे। अंदर घुसते ही उसमें से एक आदमी बेड के नीचे रखे पैसे निकाल कर झोले में डालने लगा। उस आदमी को वर्दीधारी मधुकर मिश्रा नाम से बुला रहा था। मधुकर मिश्रा नाम का आदमी वर्दी वालों को पवन मिश्रा और आशीष तिवारी नाम से बुला रहा था। झोले में पैसा भरने के बाद सातों लोग पैसा लेकर वहां से फरार हो गए। इसके बाद मैंने जब अपना पैसा गिना तो उसमें 1 करोड़ 53 लाख बचा था। बाकी 1 करोड़ 85 लाख वो लोग लेकर फरार हो गए थे।

रकम लेकर मुखबिर फरार

एसआई पवन मिश्रा, एसआई आशीष तिवारी को निलंबित कर दिया गया है। केस दर्ज करते हुए दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी की जारी है। एसएसपी ने बताया कि शक होने पर एसपी ग्रामीण आईपीएस विक्रांत वीर मौके पर जांच के लिए भेजा गया था। जांच में यह बात सामने आई कि कथित मुखबिर रकम लेकर फरार हो गया है। उसकी धरपकड़ की जा रही है।