पुलवामा अटैक के बाद पीएम मोदी ने लिया ये बड़ा फैसला, बेमौत मरेगा पाकिस्‍तान

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नई दिल्‍ली। गुरुवार को जम्मू कश्मीर के पुलवामा स्थित लेथपोरा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 47 जवान शहीद हो गए।
इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा पर कैबिनेट की अहम बैठक आज दिल्ली में संपन्न हुई।
बैठक के बाद और हमले के तकरीबन 20 घंटे बाद पीएम मोदी ने पाकिस्तान के खिलाफ एक बड़ा फैसला लिया है।

आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा छीन लिया है। बता दें कि भारत ने पाकिस्तान को यह दर्जा 1996 में दिया था। इतना ही नहीं भारत ने नेशनल कम्युनिटी में पाकिस्तान को अलग-थलग करने का फैसला किया कर लिया है।

जानकारी के अनुसार कैबिनेट की बैठक में रक्षामंत्री, गृहमंत्री, वित्तमंत्री, विदेशमंत्री समेत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल शामिल हुए।
मोस्ट फेवर्ड नेशन का मतलब किसी देश को व्यापार में मिलने वाली सुविधाओं से है।
जिस किसी भी देश को यह दर्जा मिलता है उसे व्यापार से जुड़ी सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है।

क्‍या है MFN

इतना ही नहीं जिन देश को यह दर्जा प्राप्त होता है उनके साथ बाकी देशों की तुलना में उच्च संबंध रखे जाते हैं। विश्व व्यापार संगठन (WTO) के सदस्य के तौर पर हर देश को एक दूसरे को (MFN) दर्जा देना होता है।
इसलिए भारत ने यह दर्जा पाकिस्तान को सन 1996 में दिया था।
यह दर्जा मिलने की वजह से पाकिस्तान को अधिक आयात कोटा और कम ट्रेड ट्रैफिक का मुनाफा मिलता था।

जिस देश को यह दर्जा मिलता है उसे विश्वास दिलाया जाता है कि भविष्य में व्यापार में उसे किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
अगर आपको आसान शब्दों में समझाएं तो पाकिस्तान जानता था कि वह भारत को किसी भी हालत में आर्थिक मोर्चे पर नुकसान नहीं पहुंचा सकता है।
MFN के अंतर्गत भारत पाकिस्तान को वह सब सुविधाएं उपलब्ध करा रहा था जो दूसरे देशों को दी जाती हैं।

क्‍या होगा असर

पाकिस्तान से यह दर्जा छीन जाने के बाद यह रियातें और सुविधाएं उसे नहीं मिलेंगी।
MFN के तहत दो देशों को आपस में आयात निर्यात करने पर विशेष छूट मिलती है।
जिस देश को यह दर्जा प्राप्त होता वह सबसे कम आयात कारोबार करता है विशेषज्ञों की मानें तो पाकिस्तान से यह दर्जा छिन जाने पर उसे ज्यादा नुकसान नहीं होगा।
दो हजार सत्रह अट्ठारह के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच 2.41217 बिलियन डालर यानी 17000 करोड रुपए का कारोबार हुआ था।

इसमें भारत से होने वाले निर्यात की हिस्सेदारी 1.924 बिलियन डॉलर है जबकि पाकिस्तान से सिर्फ 0.8218 बिलियन डालर का ही आयात होता है।
साल 2016 17 में भारत की तरफ से पाकिस्तान को 1.8218 बिलियन डॉलर जबकि पार्क की तरफ से केवल 0.454 बिलियन डॉलर का निर्यात हुआ था।

सुरक्षा संबंधी मुद्दे पर विवाद होने पर डब्ल्यूटीओ के अनुच्छेद 21 बी के तहत कोई भी देश किसी भी देश को दिया हुआ एमएफएन दर्जा वापस ले सकता है
हालांकि नियम के मुताबिक दर्जा वापस लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी पूरी करनी होती हैं।