झमाझम हुई बारिश के बाद अन्नदाता के चेहरों पर लौटी मुस्कान

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श्रीनिवास सिंह मोनू

लखनऊ: ‘देर आए दुरुस्त आए’ कहते हैं ऊपर वाले के घर में देर हो जाती है पर अंधेर कभी नहीं होती कुछ कुछ इसी प्रकार की कहावत इस समय राजधानी के चारों ओर किसानों के मुख से सुनने को मिल रही है।
अर्से बाद अन्नदाताओं को खुशी और प्रसन्नता का मौका जो मिल गया है और यह मौका मिला है शुक्रवार को दोपहर बाद से होने वाली झमाझम बारिश से जिसके बाद सभी किसानों के चेहरे जैसे खिल गए हो।

बारिश के बाद समाचारवाला की टीम ने किसानों का हाल चाल जानने के लिए राजधानी के सरोजिनी नगर विकासखंड का दौरा किया वहां पर किसान माखन सिंह, श्यामू सिंह, अवधेश वर्मा, अनूप सिंह, मनोज सिंह, अनिल आदि किसानों से बात करने पर उनका कहना था कि आज होने वाली बारिश से हमारी फसलों को बहुत फायदा पहुंचेगा। क्योंकि सिचाई और बरसात के पानी में बहुत अंतर होता है, बरसात का पानी फसलों को अधिक ताकत देता है।

माखन सिंह के अनुसार उन्होंने करीब 10 एकड़ की भूमि पर रबी की फसल की खेती कर रखी है जिसकी सिंचाई तो लगातार की जा रही थी परंतु बरसात और कोहरे के ना होने के कारण फसल कमजोर बनी हुई थी जो कि अब बारिश होने के चलते उसमें सुधार आएगा। इसके साथ ही सरसों, आलू, चना, मटर की खेती में भी होने वाली बारिश से सुधार होगा।

सरकार ने किसानों के लिए समय-समय पर कई तरह की योजनाएं चलाई चाय व कृषि ऋण माफी योजना हो या फसल बीमा किंतु किसानों के अनुसार उनकी फसलों पर जब तक मौसम का समय-समय पर सहयोग नहीं होगा तब तक फसल के उन्नत होने में शंका रहती है। शीत ऋतु की फसलों के लिए तापमान के कम होने के साथ कोहरे और बारिश की अत्यंत आवश्यकता होती है, परंतु इस वर्ष रबी की फसलों की बुवाई के बाद से ही लगातार मौसम की बेरुखी के कारण फसलों में वह रौनक नहीं आ पा रही थी, जो कि अब बारिश के कारण अवश्य लहलहा उठेंगी।