भारतीय वीरांगनाओं की याद में जन जागरण अभियान की बैठक कर हुई शुरुआत

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श्रीनिवास सिंह मोनू

लखनऊ। भारत देश का इतिहास बलिदानों से भरा पड़ा है। यहां पर लगातार हजारों वर्षों तक विदेशी आक्रांताओं का शासन रहा है। उनके द्वारा सोने की चिड़िया कहे जाने वाला हमारा भारत देश लगातार लूटा गया है।

इसके परिणामस्वरूप देश में समय-समय पर अनेकों भारतीय क्रांतिकारियों ने विदेशी आक्रांताओं का विरोध करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए हैं। जिस प्रकार भारतीय राजाओं ने आक्रांताओं से टक्कर लेते हुए अपने प्राण गवाएं उसी प्रकार भारतीय इतिहास में कई ऐसी वीरांगनाएँ भी हुई है जिनके बलिदान को याद करके आज हम सभी हिंदुस्तानियों का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। जैसे कि वीरांगना ऊदा देवी, रानी लक्ष्मी बाई, अहिल्याबाई इनके साथ अनेकों ऐसी वीरांगनाएँ रहीं है।

ऐसी ही वीरांगनाओं के याद स्वरूप पिछ्ले दिनों लखनऊ के विस्शेस्वरैया हाल में मोहललाल गंज के सांसद कौसल किशोर द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया था जिस के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा रहे थे। इस बैठक में 1857 क्रांति की वीरांगना ऊदा देवी पासी की लखनऊ में 100 फीट की मूर्ति का निर्माण कराने की बात कही गई थी।
मूर्ति निर्माण में जन एवं धन सहयोग अपेक्षित था जिसके लिए समाज में जन जागरण करते हुए जगह जगह बैठक करके लोगों को जागरूक करना था।

इसी सिलसिले में सरोजनी नगर के सैदपुर पुरही गांव में रविवार दोपहर को गांव के निवासी रोशन लाल के आवास पर एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में रोशन लाल ने सहयोग स्वरूप 11000 ₹ मूर्ती बनाने में देने का वादा किया है।
इस बैठक में क्षेत्र के तमाम लोगों ने भाग लिया बैठक का उद्देश्य ऊदा देवी पासी की लखनऊ में मूर्ति निर्माण कराने को लेकर विचार विमर्श करना था।

बैठक में मुख्य रूप से रोशन लाल, नरपत सुमन, वीरेंद्र कुमार रावत, डॉ राम सुमेर रावत, सरोजिनी नगर पार्षद राम नरेश रावत, पूर्व प्रधान गढ़ी चुनौटी रामखेलावन रावत, जितेंद्र कुमार के साथ सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।