पूर्ववर्ती सरकार में पास राजकीय डिग्री कॉलेज का कार्य सरकार बदलते ही ठंडे बस्ते में

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श्रीनिवास सिंह मोनू 

लखनऊ। हमारे काम का श्रेय कहीं दूसरे ना ले ले कभी-कभी इस वजह से जनकल्याणकारी कार्य भी कैसे सरकार बदलते ही रोक दिए जाते हैं यह सरोजनी नगर विधानसभा में खूब देखने को मिलता है। यहां पर पिछली अखिलेश सरकार में मंत्री रहे शारदा प्रताप शुक्ल के द्वारा सरोजिनी नगर विकास खंड के ग्राम सभा लतीफ नगर में एक राजकीय डिग्री कॉलेज का निर्माण करवाया जाने लगा था परंतु कुछ समय के बाद सरकार बदलते ही इस कॉलेज के निर्माण को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। बताते चले कि यह डिग्री कॉलेज विधानसभा के इस विकासखंड में बनने वाला इकलौता कॉलेज था जिसकी वजह से सैकड़ों गांवों में पढ़ने वाले लड़के-लड़कियों का शिक्षण कार्य सुगम हो जाता। परंतु सरकार की उदासीनता के चलते कॉलेज का अर्ध निर्मित कार्य रुक गया है।

क्या सरकार की प्राथमिकताओं में शिक्षा है ही नहीं

सरकारें शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए तरह तरह के प्रयास करती रहती हैं परंतु नई सरकार के गठन के साथ ही क्षेत्र में बनने वाले इस राजकीय डिग्री कॉलेज का कार्य रुकवा कर सरकार ने साबित कर दिया कि वह क्षेत्र के शिक्षा के स्तर को बढ़ाना ही नहीं चाहती ना ही किसी जनप्रतिनिधि का ही ध्यान इस ओर जाता है।

रखरखाव पर खर्च होते हैं सरकार के हजारों रुपए

विकास खंड में बनने वाले इस कालेज का निर्माण सन 2016 में चालू हुआ था परंतु कुछ समय के बाद जब सरकार बदली तो उसका निर्माण बजट के अभाव में बंद हो गया तब से अभी तक 2 साल से इस कॉलेज का निर्माण अधूरा होने के साथ इसके रखरखाव पर हर महीने सरकार को हजारों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं । यहां पर बताते चले कि मंत्री शारदा प्रताप शुक्ल के द्वारा जब यह डिग्री कॉलेज पास कराया गया था तो क्षेत्र में इसकी सराहना हो रही थी कि समस्त क्षेत्र में शिक्षण संस्थानों के आभाव के कारण जो लड़के लड़कियां अपना अध्ययन बंद कर देते हैं, अब उन्हें अध्ययन के लिए दूर न जाते हुए क्षेत्र में ही शिक्षण संस्था उपलब्ध हो जाएगी जिससे  क्षेत्र में शिक्षा का स्तर और बढ़ेगा। परंतु इसे क्षेत्र का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि नई नवेली सरकार के जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता में यह बहुप्रतीक्षित व एकमात्र उच्च शिक्षण संस्थान है ही नहीं।