आलाधिकारियों की मौन स्वीकृति से भूमाफियाओं ने तालाब की जमीन पर किया कब्जा

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लखनऊ। सरकार ने भू माफियाओं को काबू को करने के लिए एंटीभूमाफिया पोर्टल लांच किया है। इस पोर्टल के माध्‍यम से जमीनो पर अवैध कब्‍जे को रोकने की कवायद की जामी है मगर ये पोर्टल भूमाफियाओ को काबू करने में लगभग पूरी तरह से विफल हो रहा है। भू माफिया बराबर गरीबो मजलूमो और ग्राम समाज की जमीनो को अपने कब्‍जे में करते जा रहे हैं। जमीनो पर कब्‍जे के खेल में अकेले भूमाफिया शामिल नहीं हैं बल्‍कि संगठित रूप से पूरा गिरोह इस काम को अंजाम देने में लगा हुआ है।

हम बात कर रहे हैं काकोरी विकासखंड के थाना पारा स्थित ग्राम सभा सरोसा भरोसा की ग्रामसभा के अंतर्गत तालाब की जमीन खसरा संख्या 1245 भूखड की जमीन पर दबंग प्रापर्टी डीलरों द्वारा प्लाट काट कर बेच दिया गया है।

यहा जमीन सरोसा भरोसा के मजरा मुजफ्फर खेड़ा पर स्थित है। जिसकी वजह से यह हमेशा से ही भू माफियाओं के नजरों में चढ़ी रहती है। इस बेशकीमती जमीन पर कुछ भू माफियाओं के खिलाफ लगभग एक वर्ष पहले सरकार द्वारा इसी तालाब की जमीन पर जेसीबी मशीन चलाई गई थी।

लेकिन लेखपाल सलीम बेग ने सही से तालाब की जमीन की सही से पैमाइस नहीं की थी। तलाब के एक कोने पर बाउंड्री गिरवाई गई कुछ लोगों पर मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।

इसी तरह अगर ग्राम समाज और तलाब की जमीनों पर दबंगों का कब्जा हो जाएगा तो गांव वाले अपने जानवरों और क्रियाकलापो के लिए कहां जाएंगे।

सोचने वाली बात यह है कि भ्रष्टाचारी प्रधान व भू माफियाओं के खिलाफ सरकार को सख्त से सख्त कार्यवाही करनी चाहिए। लेकिन साशन प्रसासन के कान में जू तक नही रेंग रही है।