आलाधिरियों की मौन स्‍वीकृति पर भ्रष्‍टाचार में डूबे सिंचाई विभाग के अधिकारी कर रहे करोड़ो की बंदरबांट

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के.के रघुवंशी

लखनऊ। एक ओर सीएम योगी भ्रष्‍टाचार पर जीरो टालरेंस की बात कह रहे हैं वहीं दूसरी ओर सिंचाई विभाग के कुछ अधिकारी करोड़ो रूपये डकार रहे हैं। अरबों की सरकारी जमीनों को भूमाफिओं के साथ मिलकर अवैध रूप से कब्‍जा कराकर बेंच रहे हैं मगर इसकी खबर लेने वाला कोई नहीं है। होन न हो भ्रष्‍टाचार में अकंठ डूबे इस अधिकारियो को आलाधिकारियों का संरक्षण प्राप्‍त है इसीलिए ये अधिकारी बेखौफ होकर सरकार को करोड़ो के राजस्‍व का चूना लगा रहे है।

हम बात कर रहे हैं सिंचाई विभाग लखनऊ खंड-2 शारदा नहर की जहां पर सूत्रों की मानें तो अधिशासी अभियंता द्वारा बिजनौर स्थित कल्‍ली पश्चिम माइनर की भूमि खाता संख्‍या 01526 की भूमि अवैध तरीके से भू माफियाओं से सांठगांठ करके करोड़ो रूपये की सरकारी भूमि को बेंच दिया गया है। इसके साथ ही DRO की मिलीभगत से खंड के अंर्तगत आने वाली निविदा में गलत दस्‍तावेज तैयार कराकर बिना टेंडर के अपने चहेते अवैध ठेकेदार को नहर के किनारे पड़ी करोड़ो रूपये की मिट्टी बेंच दी है और अपनी जेबे भर ली हैं। जिससे विभाग को लाखों रूपये का चूना लग रहा है। जो कि ई-टेंडरिंग व्‍यावस्‍था उत्‍तर प्रदेश सरकार ने लागू की है।

संवाददाता ने अधिशासी अभियंता के कार्यालय से जब भी संपर्क किया गया तो इनका व्‍यवहार असंतोषजनक व निंदनीय रहा दूरभाष पर जब भी इनसे संपर्क करने की कोशिश की गई तो तो ज्‍यादातर इनका फोन उठा ही नहीं, जब कभी वर्ता हुई तो इन्‍होंने अभद्र भाषा का इस्‍तेमाल कर फोन काट दिया, जब कभी आफिस में मिले तो शराब के नशे में मिले। विभागीय सूत्रों की मानें तो नहरो की मरम्‍त हेतू आये रूपयों को भी डकार जाते हैं। ऐसे में सरकार के भ्रष्‍टाचार पर जीरो टालरेंस को ऐसे अधिकारी ठेंगा दिखा रहे हैं।