कार्यकर्ताओं की उपेक्षा नाराज सीएम योगी ने कसे अफसरों के पेंच

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लखनऊ ।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व राज्य सरकार और भाजपा की समन्वय बैठक में कार्यकर्ताओं ने
नौरशाही के कामकाज पर नाखुशी जाहिर है इसी को देखते हुए दूसरे दिन सीएम योगी ने
बैठक बुलाकर नौकरशाही को तलब कर नकेल कसी।
अफसरों की जवाबदेही तय करते हुए फरमान जारी कर दिया कि अब किसी भी तरह की
शिकायत एवं शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी।
जिनकी शिकायत प्रमाणित हुई उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने शीर्ष नौकरशाही से दो टूक कह दिया कि आमजनता की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं होगी।
जनहित के कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा नहीं करने वाले अफसरों पर कार्रवाई के भी निर्देश दिये।
आम चुनावों से पहले पूरा करें

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गुरुवार शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव
और प्रमुख सचिवों को तलब कर लिया।
लोकभवन में इन शीर्ष अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन बड़ी परियोजनाओं
पर काम चल रहा है, उन्हें आम चुनावों से पहले पूरा करें।
ये काम जनता को दिखने चाहिए।
प्रमुख सचिव जिन जिलों के नोडल अधिकारी हैं वह नियमित रूप से संबंधित जिलों में जाएं।
विकास कार्यों की समीक्षा करें।
समग्र समाधान दिवस पर जाकर लोगों की समस्याएं सुनें और उनका हल निकालें।
विभिन्न विभागों की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर भी बात हुई।
इन योजनाओं से जो लोग अब तक संतृप्त नहीं हुए हैं उनको अभियान चलाकर संतृप्त
करने का भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया।
दो दर्जन से अधिक विभागों में अब तक एक तिहाई से भी कम बजट खर्च होने पर
मुख्यमंत्री ने नाराजगी जतायी।
निर्देश दिया कि विकास कार्यों के बजट आवंटन की प्रक्रिया में किसी भी स्तर से
देरी सहन नहीं की जाएगी।
ऊपर तक के अफसरों की शिकायतें थीं

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उल्लेखनीय है कि राजधानी के आनन्दी वाटर पार्क में बुधवार को आयोजित समन्वय बैठक में संघ के
दो सर सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और डॉ. कृष्णगोपाल तथा भाजपा अध्यक्ष अमित
शाम के समक्ष कार्यकर्ताओं ने थाना, ब्लाक, तहसील से लेकर ऊपर तक के
अफसरों की खूब शिकायत की।
सबको खुलकर बोलने का मौका था तो लोगों ने जमकर भड़ास निकाली।
यह भी कहा कि कार्यकर्ताओं की उपेक्षा होती है।
थानों में पैसे लिए बिना कोई काम नहीं होता तो ब्लाक और तहसील से लेकर
जिलों की भी स्थिति ठीक नहीं है।

बाद में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कुछ
चुनिंदा लोगों के साथ एक बैठक की थी।
शाह ने भी नौकरशाही पर सख्ती की हिदायत दी।
मुख्यमंत्री के अलावा मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने भी गुरुवार को
अफसरों की कार्यशैली की जानकारी ली।

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मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में तेजी लाने के निर्देश दिए और
कहा कि सस्ते मकान बनाने के लिए विकास प्राधिकरण और आवास विकास
परिषद के साथ ही प्राइवेट बिल्डर को आमंत्रित किया जाए।
इसके लिए प्राइवेट बिल्डरों को जमीन उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के घटक व्यक्तिगत आवास निर्माण में
भी तेजी लाई जाए। इसमें अब तक 5.84 लाख आवास स्वीकृत हुए हैं।
सभी लाभार्थियों को किस्त देकर उनके आवास जल्द पूरे कराए जाएं।
पात्र व्यक्तियों को आवास की सुविधा दी जाए

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मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सभी पात्र व्यक्तियों को आवास की सुविधा दी जाए।
इसके लिए पात्र लाभार्थियों का चयन पारदर्शिता के साथ तेजी से किया जाए।
शहरी क्षेत्रों में निवास कर रहे ऐसे व्यक्तियों जिनके आवास जीर्ण-शीर्ण अवस्था में
हों या फिर मिट्टी या टीन आदि से निर्मित हों,
उन्हें पात्रता की अर्हता के आधार पर योजना के अन्तर्गत शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि योजना की धनराशि का आवास निर्माण पर व्यय सुनिश्चित करने के
लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाए।
सीएम ने तैयार आवासों में पात्र लाभार्थियों के गृह प्रवेश के लिए वृहद कार्यक्रम करने के निर्देश दिए।
किफायती आवासों पर भी काम हो

नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अब
तक कुल 6,83,025 आवासों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
इनमें किफायती आवास घटक के तहत 98049 आवास शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक 1.76 लाख लाभार्थियों को पहली किस्त व 77 हजार से
अधिक को दूसरी किस्त दी जा चुकी है।
70,315 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।
बैठक में नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय,
मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसपी गोयल, नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव
मनोज कुमार सिंह व आवास विभाग के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण सहित कई अन्य शामिल थे।