पूर्ववर्ती सरकार के हितैषी अफसर सरकार को बदनाम करने का कर रहे षडयंत्र : कौशल

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लखनऊ । प्रदेश में योगी आदित्‍यनाथ ने सीएम की कुर्सी संभालते ही भ्रष्‍टाचार व अपराधों पर लगाम लगाने के लिए अफसरों को सख्‍त हिदायत दे चुके हैं।
मगर कुछ सरकार विरोधी अधिकारियों ने सरकार को बदनाम करने का कुचक्र चलाना शुरु कर दिया।
ये अफसर पूर्ववर्ती सरकार के खासोखास रहे और अपनी पहुंच-पकड़ के दम पर
इस सरकार में भी बडे पदो पर आसीन हैं।
ये कहना है मोहनलाल गंज के सांसद कौशल किशोर का।

प्रदेश में अफसरशाही पर बात करते हुए मोहनलाग गंज के सांसद कौशल किशोर ने बताया कि प्रदेश के कुछ बडे अफसर इन दिनों पूरी तरह से बेलगाम हो चुके हैं।

भ्रष्‍ट ठेकेदार सौभग्‍य योजना को लगा रहे पलीता

सरकार ने हर गरीब को बिजली का कनेक्‍शन मुफ्त देने के लिए सौभग्‍य योजना चलाई जिससे करोड़ों गरीब रौशन हो रहे हैं। बिजली विभाग ने घरों में मीटर लगाने के लिए कुछ निजी कंपनियों को ठेका दिया,
जिससे समय से घरों में मीटर लगाने का काम किया जा सके।
मगर हाल के दिनों में इन निजी कंपनियों ने सरकार की छवि को धूमिल
करते हुए मीटर लगाने के नाम पर 200 रूपये से लेकर 700 रूपये तक वसूली चालू कर दी।

सीतापुर के लहरपुर इलाके के ढकेरा गांव राजेंद्र ने इसकी लिखित शिकायत मुझसे की,
इसी तरह लखनऊ स्थित गोसाई गंज ब्‍लाक के गांव रतियामऊ पूरे गांव से मीटर लगाने के
नाम पर इन निजी कंपनियों के कर्मचारियों ने रूपयों की वसूली की।

इतना ही नहीं इन निजी बिजली कंपनियों की तनाशाही इस कदर बढ़ गई है पिछले चार महीनों से संविदा पर तैनात मीटर रीडर, लाइनमैन, बिलिंग कलर्क, आदि को वेतन नहीं दिया है जिससे बिजली विभाग में तैनात संविदा कर्मी भूखमरी की कगार पर हैं।

संविदा कर्मी कर चुके हैं घर का घेराव

जबकि बिजली विभाग ने इन प्राइवेट कंपनियों के खाते में पहले ही रूपये भेज दिये थे।
इस संबंध में कई बार संविदाकर्मी अपनी मांगों को लेकर मेरा घर का घेराव कर चुके है इस संबंध में मैने कई बार मध्‍यांचल विधुत वितरण निगम के एमडी को अवगत कराया कराया है
मगर सरकार के विरोध में काम करने वाली इन नीजी कंपनियों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।

इस संबंध में संविदा कर्मियों के हक की लडाई लड़ने वाले मोहनलाल गंज के सांसद कौशल किशोर ने
कई बार प्रदेश ऊर्जा मंत्री व मध्‍यांचल विधुत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक से
बात की मगर ठेकेदार कंपनियों पर कोई अंकुश नहीं लग पा रहा है।
ऐसे में आम आदमी की परेशानी को देखते हुए अगर सरकार ने जल्‍द ही इन
कंपनियों को ब्‍लैक लिस्‍ट नहीं किया तो आने वाले समय में ये निरंकुश
कंपनियां सरकार को खासा नुकसान पहुंचायेंगी।