गरीबी की मार झेल रहे पाकिस्‍तान ने निलाम की कारें फिर नहीं हुआ काम, अब भैंसों की बारी

117

नई दिल्‍ली । भारत के पड़ोसी मुल्‍क पाकिस्‍तान ने अपनी आर्थिक तंगी से निजात पाने के लिए एक नायाब तरीका खोजा है।
पाकिस्‍तान सरकार ने धन एकत्र करने के लिए प्रधानमंत्री आवास की लग्ज़री कारें और हेलिकॉप्टर्स की बोली लगाई।
ऐसे में एक जिज्ञासा यह पैदा होती है आखिर इन वीवीआइपी कारों को किसने खरीदा और कितने में खरीदा।
क्‍या सच में इससे पाकिस्‍तान की आर्थिक तंगी को कुछ राहत मिली।
इसके साथ यह भी जानेंगे कि पाकिस्‍तान सरकार इस समस्‍या से उबरने के लिए अगला क्‍या कदम उठाएगी।

पाकिस्‍तान सरकार को उम्‍मीद थी कि इस नीलामी से सरकारी कोष में एक करोड़ 60 लाख डॉलर तक आ जाएगा, लेकिन उसे मायूस होना पड़ा।
इस निलामी से सरकार को महज 60 हजार डॉलर ही हासिल हो सके।
हालांकि, प्रधानमंत्री आवास पर 100 से अधिक कारें नीलामी के लिए आईं थीं।
इनमें करीब पचास लग्‍जरी कारें थीं। खासबात यह है केवल 60 कारों की ही बोली लगी।

हेलीकॉप्टर और आठ भैंसों पर टिकी नजर

पाकिस्‍तान सरकार देश की आर्थिक स्थिति को सुधारने और कर्ज से उबरने के लिए कुछ और चीजों की भी नीलामी करेगी। इसमें सरकार के चार हेलीकॉप्टर भी शामिल है।
ये हेलीकॉप्टर मंत्रीमंडल के इस्तेमाल के लिए हैं।
इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास पर आठ भैसों के प्रति लोगों की दिलचस्‍पी दिखी।
उम्‍मीद है कि चार हेलीकॉप्टर के साथ इन भैसों की भी बोली लगाई जा सकती है।
इसके अलावा पाकिस्तान की सरकारी स्वामित्व वाली इमारतों को विश्वविद्यालयो में बदलने और सरकारी कार्यालयों में एयर कंडिशनिंग में कटौती करने की योजना है।

इस नीलामी में सबकी नजर मर्सडीज बेंज एस-600 कारों पर थी।
ये काफी महंगी कारें थीं।
पाकिस्‍तान सरकार ने इन दोनों कारों को वर्ष 2016 में खरीदा था।
उस वक्‍त पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ थे।
दोनों कारें शरीफ के काफीले का हिस्‍सा थीं।
इन कारों के लिए अलग-अलग 13 लाख डॉलर बोली रखी गई।
अधिक दाम के कारण ये कारें नहीं बिक सकी।
पाकिस्‍तान सरकार को उम्‍मीद थी कि इन कारों से उससे अच्‍छी रकम हासिल हो जाएगी।

सात बीएमडब्ल्यू और 1993 की 14 मर्सडीज बेंज़ एस-300 कारें भी नीलामी में आकर्षण का केंद्र रही, लेकिन महंगी होने के कारण इनका सौदा भी नहीं हो सका। पाकिस्‍तान सरकार को यहां भी मायूस होना पड़ा।

इसके अलावा नीलामी के लिए आई बुलेट प्रूफ लैंड क्रूज़र पर भी सबकी नजरें टिकी थी।
प्रधानमंत्री के वाहन काफीले में शामिल ये कार भी काफी महंगी थी।
पाकिस्‍तान में इसकी कीमत 2.6 करोड़ रुपये है।

सस्‍ती कारों पर लगा दांव

नीलामी के लिए आई महंगी कारों के बजाए लोगों ने सस्‍ती कारों पर ही दांव लगाया।
इसमें अधिकतर कारें प्रधानमंत्री के काफीले का हिस्‍सा कभी नहीं रहीं ।
ये कारें काफी पुरानी भी हो चुकी हैं।
इनमें कुछ कारें 80 के दशक की भी थीं।

नीलामी में रखी 2005 मॉडल सुज़ुकी हैचबैक की बोली लगी।
इसे एक व्‍यक्ति ने 2.95 लाख रुपये में खरीदा।
इसी तरह फार्मास्यूटिकल कंपनी के मालिक के लिए एक 2005 आर्म्ड मर्सीडीज़ जीप की भी ख़रीदारी हुई। एक खरीदार ने 2009 में बनी एक कार 12 लाख डॉलर में कार खरीदी।