बदहाल लखनऊ का हरौनी रेलवे स्टेशन, जिम्‍मेदारों की नहीं टूट रही कुंभकर्णी नींद

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निवास सिंह ‘मोनू’

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में पडने वाला हरौनी रेलवे स्टेशन वैसे तो रोज हजारो यात्रियों को लखनऊ आने और जाने का माध्यम है आज भी हजारों नौकरी-पेशा से लेकर पढ़ने वाले बच्चे व मजदूरी करने वाले रोज इसी स्टेशन से शहर को आते और जाते हैं। बताते हैं कि लखनऊ से कानपुर के बीच हरौनी रेलवे स्टेशन से सबसे अधिक आवागमन होता है। जिसके परिणाम स्वरुप रेलवे विभाग को मोटी कमाई भी होती है परंतु विभाग के द्वारा स्टेशन को क्या मिला यह किसी से छिपा नहीं है।

ट्रेनों का असमय संचालन नौकरी पेशा व मजदूरों के लिए बना बेरोजगारी की वजह

हरौनी रेलवे स्टेशन से रोज क्षेत्र के दर्जनों गांवों से हजारों लोग शहर को जाते हैं, जिनमें नौकरी पेशा पढ़ने वाले लड़के एवं लड़कियां व मजदूर होते हैं किंतु सालों से पैसेंजर ट्रेनों का संचालन इतना खराब है कि ट्रेने कई कई घंटे देरी से चलती है। बताते चलें कि लखनऊ से कानपुर की दूरी महज डेढ़ घंटे की है इसके बावजूद ट्रेने तीन-चार घंटे की देरी से चलती हैं। हजारों यात्रियों के होने के बावजूद भी इस स्टेशन पर किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव नहीं है जिसकी वजह से सैकड़ों नौकरीपेशा व मजदूर काम छूटने की वजह से घर बैठ गए हैं व भुखमरी की कगार पर पहुंचने को मजबूर है।

शौचालय व पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं

इतना बड़ा रेलवे स्टेशन होने के बावजूद भी अभी तक इस स्टेशन पर शुद्ध पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं है बताते चलें कि कुछ महीनों पूर्व उच्चाधिकारियों का दौरा होने के बाद जर्जर पड़े रेलवे स्टेशन पर सौंदर्यीकरण के नाम पर थोड़ा बहुत काम तो अवश्य हुआ था इसी के फलस्वरुप शौचालय का निर्माण भी प्रारंभ हो गया था जो अब लगभग पूर्ण भी हो चुका है परंतु फिर भी अभी तक ताले में ही बंद है पेयजल के नाम पर पूरे स्टेशन पर मात्र एक इंडिया मार्का हैंडपंप लगा है जो कि काफी पुराना होने की वजह से जर्जर हो चुका है

प्लेटफार्म न होने की वजह से यात्री अक्सर होते हैं दुर्घटना का शिकार

पूरे स्टेशन पर तीन लाइनों से ट्रेनों का आवागमन होता है जिसके लिए तीन प्लेटफार्म की जरूरत होती है किंतु केवल एक नंबर पर ही प्लेटफार्म बना है इसके अलावा दो और तीन नंबर पर प्लेटफार्म नहीं होने की वजह से दैनिक यात्री अक्सर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं यह दुर्घटनाएं अक्सर घटित होती रहती है

स्वच्छ भारत अभियान को दिखा रहे ठेंगा

सरकार के महत्वकांक्षी योजना स्वच्छ भारत अभियान को विभाग व अधिकारी खुलेआम ठेंगा दिखा रहे हैं पूरे स्टेशन पर गंदगी और कूड़े का ढेर लगा रहता है स्टेशन पर मौजूद मात्र एक पेयजल के लिए इंडिया मार्का नल पर भी गंदगी का अंबार लगा हुआ रहता है जिसकी वजह से आम यात्री पेयजल के लिए भी तरस जाते हैं इसके अलावा प्लेटफार्म नंबर दो व तीन पर बड़ी बड़ी घास भी उग आई है जिसकी तरफ भी विभाग का ध्यान नहीं जा रहा है।