जंगली बबूलों से घिरी सड़क, कांटों भरी राह से राहगीर हलकान

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लखनऊ। ठेकेदार व विभागीय अधिकारियों की अनदेखी राहगीरों के लिए परेशानी का  सबब बन गई है। सड़क के दोनों किनारों पर जंगली बबूल के पेड़ अधिक हो जाने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन इसके बाद भी अधिकारियों की आंखें बंद ही है।

राजधानी के बंथरा थाना स्थित नारायणपुर से फतेहगंज मार्ग पर पड़ने वाला अमांवा गांव का जंगल लगभग 2 किलोमीटर के इलाके में फैला है, जिसके बीच से ही यह मार्ग गुजरा है। लगातार होने वाली बरसात के कारण जंगली बबूल के पेड़ सड़क के दोनों तरफ इतने बड़े हो गए हैं कि उन पेड़ों की डालें फैलकर आधी सड़क को ढक दिए है , जिससे आमने सामने आने वाले वाहनों को सामने से कुछ भी दिखाई नहीं पड़ता जिस कारण बड़ी दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।

वहीं राहगीरों का कहना है कि जंगली बबूल दोनों ओर से सड़क को इतना ढके हुए हैं जिससे राहगीरों को सामने से आ रहा वाहन नहीं दिखाई पड़ता जिस कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।