कमीशन न देने से गरीब पात्रों को नहीं मिले आवास, घर गिरने से सडकों पर रहने को मजबूर

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श्रीनिवास सिंह ‘मोनू सिंह’

लखनऊ। देश और प्रदेश की सरकारें करोड़ों रुपए खर्च करके शहरों से लेकर गांवों का विकास सुनिश्चित कर रही है। वहीं आज भी भ्रष्टाचारियों की वजह से आम आदमियों तक सरकार के विकास पहुंचाने का सपना सपना ही प्रतीत होता है।

एक ओर प्रधानमंत्री देश के हर गरीब परिवार को रहने के लिए आवास देने के लिए संकल्पबद्ध है। जिससे हर आदमी को छत नसीब हो सके,  दूसरी ओर विकासखंड सरोजनी नगर के अधिकारियों सहित ग्राम प्रधान प्रधानमंत्री के इस महत्वकांक्षी योजना पर किस तरह पानी फेर रहे हैं, यह तो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकासखंड सरोजिनी नगर के दर्जनों गांवों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है।

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यहां खंडविकास अधिकारी, पंचायत सचिव व ग्राम प्रधानों की मिलीभगत से गरीबों को मिलने वाले आवासों में किस तरह धांधली की गई है कि जिनके कच्चे मकान हैं वह आज भी कच्चे ही हैं।
कालोनी भी उन्हीं को मिली जो या तो प्रधान के खास थे या मोटा कमीशन देने में समर्थ थे।
अधिकतर गावों में जो वास्तविक पात्र थे वह आज भी कच्चे मकान में रहने को अभिसप्त हैं।

यह हाल जब राजधानी का है तो इसके अलावा प्रदेश के ग्रामीण इलाकों का
क्या हाल होगा इसका अंदाजा खुद-ब-खुद लगाया जा सकता है।

गौरतलब है कि राजधानी के विकासखंड सरोजनी नगर के ग्राम सभा सैदपुर पुरही में पिछले दिनों हुई भीषण बरसात में जो मकान गिर गए थे जिनमें कमला देवी उम्र 65 वर्ष अपने पति के स्वर्गवास के बाद अपने तीन पुत्रों प्रमोद, पंकज, व रंकज के साथ अपने पुराने कच्चे मकान में रह रही थी जो कि अब हुई बरसात में ढह गया।

सके साथ ही उसी गांव के देवी प्रताप, विमल मिश्रा, सूर्य नारायण मिश्रा, कमलेश लोधी व गोलू जो कि अपने माता पिता की मृत्यु के बाद अपनी बहनों और भाइयों के साथ अपने खंडहर हो चुके मकान में जैसे तैसे गुजर बसर कर रहा है परंतु न तो ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत सचिव न ही विकासखंड के अन्य अधिकारियों की नजरें इन पर पड़ रही हैं।
या शायद वह भ्रष्टाचार में इतने डूब चुके हैं कि इन पर नजर भी नहीं डालना चाहते।

इस संबंध में जब संबंधित अधिकारियों से बात की जाती है तो वह केवल आश्वासन ही देते हैं इसके अलावा इन गरीब लोगों तक कोई इनका हाल जानने नहीं आता है।

ज्ञात हो कि इसी विकासखंड से संबंधित पिछले दिनों कुछ और भी मकान
ढहने की खबरें प्रकाशित हुई जिन पर संबंधित अधिकारियों के आश्वासन के अलावा कोई कार्यवाही नहीं की गई।

विकासखंड के अलावा ग्राम सभा से संबंधित अधिकारी इसी तरह
अपने ढुल-मुल रवैया को लेकर लगातार सरकार की छवि को धूमिल कर रहे हैं।
इसके अलावा सरकार द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों पर पानी भी फेर रहे हैं।