आखिर किसके कहने पर अटल जी की अंतिम यात्रा के दौरान बीच रास्ते से गाड़ी में जाकर बैठ गये थे पीएम मोदी

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अटल जी ने एम्स में 93 साल की उम्र में अंतिम सांस ली थी।
देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी पिछले काफी समय कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे।
डॉक्टरों की काफी कोशिशों के बाद आखिरकार उन्होंने हार मान ली और इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
भारत रत्न अटल जी के निधन की खबर आने के बाद देशभर में मातम छा गया था।
जैसे ही यह खबर आई थी तो देशभर के तमाम नेता अटल जी के अंतिम दर्शन करने के लिए दिल्ली निकल पड़े थे।
जिसके बाद कृष्ण मेनन मार्ग दिल्ली में अटल जी के आवास पर देशभर के तमाम नेताओं ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की थी।

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पीएम मोदी ने एक भावुक बेटे की तरह अपना फर्ज निभाया

अटल जी के बीमार होने से उनके अंतिम संस्कार तक पीएम मोदी ने एक भावुक बेटे की तरह अपना फर्ज निभाया था।
वह पिता तुल्य अटल जी को देखने कई बार एम्स जाते रहे थे
इतना ही नहीं पीएम मोदी के चेहरे पर अटल जी के निधन का दुःख साफ़-साफ़ देखा गया।
उनके निधन के बाद पीएम मोदी ने उनकी कई कवितायेँ और यादों को शेयर करते हुए अपना दुःख प्रकट किया था।
अटल जी की जब अंतिम यात्रा निकली तो पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल को तोड़कर पैदल चलने का फैसला लिया था।

SPG के छूट गये थे पसीने

अटल जी के निधन के बाद जैसे ही ये बात बीजेपी हेडक्वार्टर पर बताई गयी कि
पीएम मोदी अटल जी की अंतिम यात्रा में स्मृति वन तक पैदल जायेंगे
तो एसपीजी टीम के पसीने छूट गये थे।

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कैसे इतनी भारी भीड़ में पीएम मोदी की सुरक्षा की जाएगी तो आनन-फानन में रातों-रात ऐसे हुई थी तैयारी कि आप सोच भी नहीं सकते हैं।
पीएम मोदी के इस फैसले के बाद दिल्ली पुलिस के जगह-जगह गुप्तचर तैनात कर दिए गये थे।
इसी के साथ भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी IB ने दिल्ली पुलिस के चुनिंदा जवानों को सादा वर्दी में भीड़ में तैनात कर दिया गया था।

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जैसे ही अटल जी की अंतिम यात्रा निकली,
वैसे ही सेना के जवानों ने पीएम मोदी और शाह को अपने घेरे में ले लिया था।
भीड़ में सफ़ेद टोपी पहने हुए सादा वर्दी में दिल्ली पुलिस के जवान तैनात थे।

शार्प शूटर किये तैनात

मोदी और शाह की सुरक्षा में तीनों सेना तैनात थी।
इसी के साथ बहादुरशाह जफर मार्ग पर 50 शार्प शूटर भी तैनात किये गये थे।
अटल जी की अंतिम यात्रा में 4-5 किलोमीटर तक पैदल चलकर स्मृति स्थल तक पहुंचे थे पीएम मोदी।
यह नजारा देखने के बाद हर कोई हैरान था कि एक देश का प्रधानमंत्री लाखों की भीड़ में ऐसे कैसे चल सकता है।
किन एक समय ऐसा आया जब पीएम मोदी को बीच रास्ते में
एसपीजी के कहने से सुरक्षा व्यवस्था के चलते गाड़ी में बैठना पड़ा था।
हालाँकि बाद में पीएम मोदी गाड़ी से उतरकर फिर से अंतिम यात्रा में आ गये थे।
इस रास्ते के दौरान 600 सीसीटीवी कैमरे लगाये गये थे।
बीजेपी हेडक्वार्टर से स्मृति स्थल तक पीएम मोदी की सुरक्षा में 3200 सुरक्षाकर्मी तैनात थे।