27 जुलाई को 104 वर्ष बाद लग रहा इतने लम्बे अवधि का खग्रास चन्द्रग्रहण

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महर्षि पाराशर ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य पण्डित राकेश पाण्डेय के अनुसार खग्रास चन्द्रग्रहण दिनांक 27- 07-2018 आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा शुकवार को चन्द्र ग्रहण लगेगा।
9 घण्टे पूर्व ही लग जायेगा सूतक दिवा 2:54 बजे से सूतक का प्रारम्भ।
यह चन्द्रग्रहण खग्रास अर्थात पूर्ण चन्द्रग्रहण होगा।

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इस ग्रहण को पूरे भारतीय भू-भाग से देखा जा सकता है।
भारत के अतिरिक्त यह अन्टार्कटिका, आस्ट्रेलिया, (रूस के दूरस्थ उत्तरी भाग) को छोड़कर एशिया, अफ्रीका यूरोप, दक्षिण अमेरिका के मध्य व पूर्वीभाग से देखा जा सकता है।

भारतीय मानक समयानुसार इस चन्द्र ग्रहण का स्पर्श रात्रि 11:54 मिनट पर होगा।
मध्य 1:52 मिनट पर व रात्रि 3:49 मिनट पर यह ग्रहण समाप्त होगा।
रात्रि 1 बजे से लेकर 2:43 मिनट तक खग्रास की अवस्था में रहेगा।

अर्थात इस अवधि में चन्द्रमा पूर्ण रूप से दिखाई नही देगा।
यह ग्रहण मेष लग्न व उत्तराषाढा नक्षत्र में व मकर राशि मे आरम्भ हो रहा है।

अतः विभिन्न राशियों पर इसका फल निम्न प्रकार है।

इन राशियों पर पडे़गा प्रभाव

मेष –  सुख की प्राप्ति,
वृष – मानहानि
मिथुन – शारिरिक कष्ट
कर्क – स्त्री पति कष्ट
सिंह – सौख्यम की प्राप्ति
कन्या – मानसिक कष्ट
तुला – व्यथा
वृश्चिक – श्रीलक्ष्मी प्राप्ति
धनु – कष्टकारी
मकर – अशुभ
कुम्भ – हानि
मीन – लाभ

विशेष – बाल वृद्ध व रोगी को छोड़कर ग्रहण से 9 घण्टे पूर्व आहार वर्जित है।
गर्भवती महिलाओं को चाहिए की अपने शरीर के बराबर काला धागा नापकर दीवाल में कील के सहारे लटका देवें। ग्रहण काल में शयन न करें।
भोजन न करे व प्रसन्न चित्त रहते हुए अपने आराध्य देव से गर्भ शिशु के लिए कल्याण की कामना करें।
ग्रहणकाल में किया हुआ जप तप सिद्धप्रद होता है।