जिम्‍मेदारों की उपेक्षा से शौंच का अड्डा बना बदहाल प्राथमिक विद्यालय मवई  

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लखनऊ। सरकार नौनिहालों के भविष्‍य को लेकर बहुत ही सजग है। शिक्षा के क्षेत्र में रोज नये-नये प्रावधान बनाये जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग के कुछ लापरवाह अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सो रहे हैं। उन्‍हें नौनिहालों के भविष्‍य से कोई सरोकार नहीं हैं।

ताजा मामला है बंथरा क्षेत्र में पड़ने वाले मवई क्षेत्र का जहां का प्राथमिक विद्यालय बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर है। विद्यालय में रयोईघर तो है मगर उसमें दरवाजा नहीं है, रसोईघर में दरवाजा न होने के करण भोजन को दूसरे कमरे में रखना पड़ता है। भण्डार घर में भी दरवाजा टूटा है। जिससे वहां का भी समान अन्य कमरे में रखना पड़ता है।

शिक्षिकाओं,छात्र-छात्राओं को प्रसाधन के लिए विद्यालय से बाहर जाना पड़ता है। विद्यालय में जो प्रसाधन घर बना है उसमें दरवाजा है ही नहीं।

विद्यालय परिसर में गांव वाले करते हैं शौंच

विद्यालय की बाउंड्री टूटी होने के कारण बाहरी लोग आसानी से विद्यालय प्रांगण में आ जाते है। और नित्यक्रिया भी करते है जिससे विद्यालय प्रांगण में गंदगी बनी रहती है।

दूषित पानी पीने को मजबूर है

विद्यालय में हैण्डपम्प लगा है जिसमें गन्दा व बदबूदार पानी आता है। भोजन के बाद सभी को उसी पानी को पीना पड़ता है दूषित पानी पीने से छात्रो में अनेक प्रकार की बीमारियां पनप रही हैं लेकिन जिम्‍मेदार इससे अनजान बने हैं।

प्रधानाचार्या ने बताया की इन सभी समस्याओं के बारे में लिखित शिकायत उच्च अधिकारियों को दी गयी लेकिन आज तक किसी भी समस्या का समाधान नही हुआ। ऐसे में मवई के बच्‍चों का भविष्‍य भगवान भरोसे है।