उन्‍नाव गैंगरेप के आरोपी भाजपा विधायक पर सीबीआई मेहरबान, चार्जशीट में नाम नहीं

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लखनऊ। गैंगरेप में फंसे उन्नाव के बांगरमऊ से भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर सीबीआई मेहरबान हो रही है।
सीबीआई की पहली चार्जशीट में गैंगरेप के आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर का नाम ही नहीं है।
पीड़िता के पिता की पीट-पीटकर की गई हत्या के केस में सीबीआई की चार्जशीट में विधायक का नाम नहीं है।
पीड़िता के घरवालों का कहना है कि विधायक और आरोपी अफसरों को सीबीआई बचा रही है।
बताया जा रहा है कि सीबीआई ने चार्जशीट में सबूतों का जिक्र नहीं किया।

सूबूतों का जिक्र चार्जशीट में नहीं

विधायक और पुलिसवालों के बीच बात के सबूत हैं। दारोगा से लेकर कप्तान से बात के सबूत हैं। अपराधी षडयंत्र का विधायक पर आरोप है। सीएमओ से भी विधायक से फोन पर बात की थी।
विधायक ने पीड़िता के पिता को पीटा था। कट्टा लगाकर जेल भेजा था।
बताया जा रहा है कि चार्जशीट में किसी पुलिस अफसर का नाम नहीं है।
लोग कह रहे हैं कि क्या सेंगर मामले में सीबीआई दबाव में आ गई?
क्या सीबीआई गैंगरेप मामले में भी क्लीनचिट की तैयारी कर रही है?
इतने के बाद भी चार्जशीट में नाम क्यों नहीं?

पांच लोगों के खिलाफ चार्जशीट

इस मामले में सीबीआई ने पांच लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
नामजद किए गए एक आरोपी शैलू को सीबीआई ने क्लीन चिट दे दी है।
विधायक के भाई के खिलाफ भी सीबीआई ने चार्जशीट लगाई।
गैंगरेप पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में नामजद विनीत, बऊआ,
सोनू के साथ सुमन सिंह उर्फ शशि प्रताप सिंह और विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के
भाई के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई।
सीबीआई की रोशनउद्दौला कोर्ट में विवेचक अनिल कुमार ने चार्जशीट दाखिल की है।
रविवार को विवेचना के 90 दिन पूरे हो रहे हैं।
पीड़िता के मां की तरफ से हत्या के मामले में पांच आरोपियों
पर FIR उन्नाव के माखी थाने में दर्ज हुई थी।

गौरतलब है कि रेप पीड़िता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में सेंगर को उन्नाव जेल से शिफ्ट करने की गुहार लगाई थी।
मंगलवार सुबह 7 से 8 बजे के बीच सेंगर को शिफ्ट किया गया।
उन्नाव जेल के जेलर ने इस बात की पुष्टि की है।
इससे पहले गत बुधवार को उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के चाचा ने हाईकोर्ट में
मामले की चल रही सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा।
पीड़िता के चाचा ने सीबीआई की जांच पर भरोसा जताते हुए
हाईकोर्ट से न्याय की उम्मीद जताई थी।
हालांकि अभी भी रेप और हत्या में शामिल आरोपियों के खुले में
घूमने और पुलिस प्रशासन के
रवैये पर उन्होंने सवाल खड़े किए थे।

टिंकू सिंह का पता लगाने की मांग

इसके साथ ही उनके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले
टिंकू सिंह का पता लगाने की भी मांग की थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में आरोपी बीजेपी विधायक
कुलदीप सिंह सेंगर के उन्नाव जेल में दरबार लगा रहे हैं।
यही नहीं, उनके समर्थकों द्वारा गांव के लोगों को डराया धमकाया भी जा रहा है।
रेप पीड़िता के चाचा ने मुकदमे की सुनवाई दिल्ली ट्रांसफर किए
जाने की भी मांग की। उधर मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में
दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।
सीबीआई ने विवेचना की प्रगति रिपोर्ट सील बन्द लिफाफे में अदालत में पेश की।

कोर्ट ने सीबीआई की धीमी जांच पर जताई नाराजगी

कोर्ट ने सीबीआई की धीमी जांच पर नाराजगी जताते हुए
प्रगति रिपोर्ट देखने के बाद उसे सीबीआई को वापस कर दिया था।
उन्नाव रेप मामले में रेप पीड़िता की मां ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर अपने पति के खिलाफ आर्म्स एक्ट में फर्जी एफआईआर दर्ज कराने वाले टिंकू सिंह के
लापता होने के मामले भी जांच की मांग की। रेप पीड़िता की मां ने कोर्ट से मांग की है कि
सीबीआई इस बात का पता लगाए कि टिंकू सिंह को गायब
करने के पीछे किन लोगों का हाथ है।
मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई को इस मामले की
विवेचना को लेकर कई निर्देश दिए हैं।

कई टीमें कर रहीं जांच

बता दें कि भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर के मामले की जांच कर रही सीबीआई ने विधायक व अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज चार अलग-अलग मुकदमों की जांच के लिए अलग-अलग टीमें बनाकर काम कर रही हैं।
छह सदस्यीय एक टीम ने माखी थाने में ही डेरा डाल दिया है।
सीबीआई ने जून 2017 में किशोरी का अपहरण कर गैंगरेप और उसे आगरा में बेचने के प्रयास की घटना में जमानत पर छूटे एक आरोपी को रविवार रात कानपुर देहात से गिरफ्तार किया था।

हाईकोर्ट की ओर से विधायक सेंगर प्रकरण की जांच में 21 मई को स्टेटस रिपोर्ट
तलब किए जाने से सीबीआई ने जांच में और तेजी लाने के लिए विधायक,

उनके भाई व अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज हुए चारों मुकदमों की जांच के
लिए अलग-अलग टीम बनाकर काम कर रही है।
सीबीआई ने आरोपी विधायक को गिरफ्तार करके ट्रांजिट रिमांड पर
लेकर पूछताछ की इसके बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया था।
क्योंकि पीड़िता और उसके चाचा ने उन्नाव जेल में आरोपियों की खातिरदारी का आरोप लगाया था।
आरोप था कि जेल में आरोपी विधायक के रिश्तेदार
राशन सप्लाई करते हैं
इसके अलावा जेल अधिकारी भी विधायक के रिश्तेदार हैं।
इन सब बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए उसे सीतापुर जेल शिफ्ट किया गया।