सचिव में तैनात एक अफसर बनना चाहते थे प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री

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लखनऊ। करीब एक साल से ज्यादा की योगी सरकार एक बड़े अफसर के खिलाफ शिकायत का मामला सामने आया है। असल में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के खिलाफ एक व्यक्ति ने रिश्वत लेना का आरोप लगाया है। लेकिन इन आरोपों के पीछे सच्चाई क्या। क्या इसमें कोई तथ्य या सबूत हैं या फिर गोयल के खिलाफ कोई साजिश की जा रही है।

असल में प्रदेश के राज्यपाल के पास एसपी गोयल के खिलाफ शिकायत की गयी है। इसमें शिकायत करने वाले व्यक्ति अभिषेक गुप्ता ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसपी गोयल पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। गुप्त का आरोप है कि गोयल कि पेट्रोल पंप के मुख्य मार्ग की चौड़ाई बढ़ाए जाने को लेकर प्रमुख सचिव 25 लाख रुपए की घूस मांग रहे हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्यपाल ने कार्रवाई के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। असल में अब सवाल उठता है कि क्या इस आरोप में कोई सच्चाई है या फिर किसी अफसर को बदनाम करने की साजिश है। या फिर लखनऊ में अफसरों का वह वर्ग जो गोयल के इस पद में आने के खिलाफ वह इस साजिश के जरिए गोयल को हटाना चाहता है।  सवाल ये भी उठता है कि जिस अफसर की छवि ईमानदार हो और मेहनती है और इतने बड़े पद पर बैठा हो क्या वह किसी से रिश्वत लेगा।

एसपी गोयल 1989 बैच के आईएएस अफसर हैं और राज्य और केन्द्र में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। केन्द्र में वह शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर भी रह चुके हैं। उनकी ईमानदार और मेहनती अफसर की छवि को देखते हुए योगी सरकार ने उन्हें राज्य में वापस बुलाया। जबकि गोयल का सेंट्रल डेपुटेशन का काफी समय बचा हुआ था। गलियारा डाट नेट से बातचीत में कुछ अफसरों का कहना है कि गोयल के खिलाफ ये एक साजिश हो सकती है। क्योंकि जिस पद पर गोयल नियुक्त हैं उस पद के लिए योगी सरकार में काबिज एक अफसर काफी अरसे से लॉबिंग कर रहे थे। लेकिन योगी ने एसपी गोयल को तवज्जो दी। जबकि उस अफसर को कम अहमियत वाले पद पर नियुक्त किया गया। ऐसा माना जा रहा है कि कहीं अपने संपर्कों के जरिए अफसरों का एक वर्ग गोयल के खिलाफ साजिश तो नहीं कर रहा है। हालांकि जांच के बाद ही इन आरोपों की सच्चाई सबके सामने आएगी। लेकिन इतना तय है कि योगी सरकार में अफसरों में तनातनी जरूर चल रही है।

राज्यपाल राम नाईक द्वारा सीएम योगी को 30 अप्रैल को ये पत्र भेजा गया है। इसमें राज्यपाल की तरफ से कहा गया है कि लखनऊ के इंदिरानगर में रहने वाले अभिषेक गुप्ता ने 18 अप्रैल को ईमेल भेजकर बताया कि उनके द्वारा हरदोई के संडीला में रैसो गांव में एस्सार ऑयल लिमिटेड द्वारा स्वीकृत पेट्रोल पंप लगाया जाना है। उन्होंने बतया कि पेट्रोलपंप के मुख्य मार्ग की चौड़ाई कम होने के कारण आवश्यक जमीन उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने प्रत्यावेदन दिया है, जो प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री एसपी गोयल के स्तर पर लंबित है।