इंडिया मार्का हैंडपंपों में समरसेबल डालना पड़ा महंगा, हुई बड़ी कार्यवाही

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श्रीनिवास सिंह “मोनू”

लखनऊ । आज जहां पीने के पानी को लेकर चारों तरफ त्राहि त्राहि मची हुई है। कई जगह लोगों को साफ पीने वाले पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। लोग या तो कई किलोमीटर से पीने के लिए पानी का इंतजाम कर रहे हैं या फिर सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे पानी के लिए घंटों इंतजार करते रहते हैं।

किसान फसलों की सिंचाई के लिए पानी को तरस रहे हैं पशु पक्षी व जानवर पीने वाले साफ पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। यहां तक कि पानी के लिए कई जगह पलायन तक हो रहे हैं। बावजूद इसके कुछ दबंग किस्म के लोग सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे इंडिया मार्क-2 हैंडपंपों में समरसेबल पंप डालकर उसको केवल अपने इस्तेमाल में ले रहे हैं। उस हैंडपंप से अगल बगल वाले परिवार को पानी नहीं मिल पाता। जिससे हर साल सरकार द्वारा प्रतिष्ठापित किए जा रहे हैंडपंपों के बावजूद शहरों व ग्रामीण इलाकों में लोग साफ पीने वाले पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।

ताजा मामला राजधानी के सरोजिनी नगर क्षेत्र का है यहां पर लगातार हैंड पंप पर हो रहे दबंगों द्वारा कब्जे को प्रशासन ने संज्ञान में लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिसमें खंड विकास अधिकारी सरोजिनी नगर मुनेश चंद्र ने विभिन्न गांव के जिसमें गृहमंत्री राजनाथ के द्वारा गोद लिए गांव बेंती के गिरीश तिवारी, सादुल्ला नगर से रामप्रसाद, खांड़ेदेव से राजू यादव,  पिपरसंड से बराती सिंह व मीरपुर पिनवट से रामसेवक के खिलाफ ग्राम पंचायतों में अधिष्ठापित इंडिया मार्का हैंडपंप की बोरिंग में अवैध रूप से समरसेबल डालने पर सरोजिनी नगर स्थित बंथरा थाने में रिपोर्ट दर्ज करा कर उक्त हैंडपंपों को दबंगों के कब्जे से मुफ्त कराने को कहा है।

साथ ही उनका यह भी कहना है कि इस तरह से दबंगों द्वारा किए जा रहे हैंडपंपों पर कब्जे को मुक्त कराने का अभियान आगे भी चलता रहेगा।