कंप्यूटर ने रोजगार की एक नई दुनिया का सृजन किया : मोदी

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सिंगापुर। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि सभी बाधाओं को विनाश के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि बाधाएं मानव योग्यता और रचनात्मकता से जुड़े हो सकते हैं। मोदी ने नानयंग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय(एनटीयू) के अध्यक्ष सुबरा सुरेश से यहां एक बातचीत के दौरान कहा, लोगों का मानना है कि बाधा विनाश की ओर ले जाता है।

उन्होंने चौथे औद्योगिक क्रांति के लिए दुनिया के उदीयमान स्तर पर होने की प्रतिक्रिया में कहा, लेकिन मेरा मानना है कि यह गलत है, जैसा कि मैं मानता हूं बाधा मानव योग्यता और रचनात्मकता से जुड़े हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जब कंप्यूटर आया तो लोगों को डर था कि उनकी नौकरियां चली जाएंगी। लेकिन कंप्यूटर ने रोजगार की एक नई दुनिया का सृजन किया।

मोदी ने कहा प्रौद्योगिकी से लैस समाज सामाजिक अवधारणाओं को तोड़ता है। प्रौद्योगिकी को सस्ती और प्रयोगकर्ताओं के अनुकूल होना चाहिए।

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के बेहतर इस्तेमाल से मानव विकास के लिए पूर्व सूचना प्राप्त होती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के अनेक फायदों में से एक यह है कि इससे मौसम की बेहतर सटीक भविष्याणी प्राप्त की जा सकती है।

मोदी ने यह भी कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी ज्यादा विद्यालयों, बेहतर सड़कों और नए अस्पतालों के स्तर पर विकास संरचनाओं के मानचित्रण में मदद करता है।

बातचीत से पहले मोदी ने एनटीयू विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस विश्वविद्यालय को एशिया में सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकी विद्यालय होने का गौरव प्राप्त है।

इससे पहले दिन में मोदी ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।