एटीएस के एएसपी राजेश साहनी की मौत पर बढा विवाद, कई बडे अफसर शक के घेरे में

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लखनऊ। एटीएस के एएसपी राजेश साहनी की मौत पर विवाद बढता जा रहा है। एक तरफ डीजीपी ने जांच के आदेश दिये हैं तो दूसरी तरफ मुख्‍य योगी आदित्‍यनाथ ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है।

एटीएस के एएसपी राजेश साहनी की मौत के 24 घंटे बाद पुलिस राष्ट्रपति वीरता मैडल प्राप्त इंस्पेक्टर यतींद्र शर्मा ने पुलिस महानिदेशक को इस्तीफा देकर हड़कंप मचा दिया। इंस्पेक्टर ने अपने इस्तीफे में आईजी एटीएस असीम अरुण पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस्तीफे में यतींद्र ने असीम अरुण को राजेश साहनी की मौत का जिम्मेदार ठहराया है।

डीजीपी ओपी सिंह ने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए उसे एसएसपी को भेजने की जानकारी दी है। इंस्पेक्टर यतींद्र शर्मा का इस्तीफा भी सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें असीम अरुण पर गंभीर आरोप लगाते हुए, उन्हें साहनी की मौत का जिम्मेदार ठहराया है।

राजेश साहनी ने मंगलवार दोपहर एटीएस ऑफिस में अपनी सर्विस पिस्टल से गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। ख़ुदकुशी के बाद से ही आईजी असीम अरुण पर सवाल उठ रहे थे।

डीजीपी ने जाँच के आदेश दे दिए हैं। गौरतलब हैं कि राजेश साहनी ने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली थी। उनके आत्महत्या करने को लेकर कई सवाल उठ रहे है। आज एक बैठक के बाद जांच का फैसला किया गया।

आज एएसपी राजेश साहनी को अंतिम विदाई दी जा चुकी हैं। परिजनों ने आज उनका अंतिम संस्कार कर दिया है। इस दौरान पुलिस लाइन में साहनी को ‘गार्ड ऑफ़ ऑनर’ दिया गया। अंतिम सलामी के बाद डीजीपी ने राजेश साहनी के पार्थिव शरीर को कंधा दिया।

ड्राइवर से मांगी थी पिस्टल

जानकारी के अनुसार, राजेश साहनी ने अपने ड्राइवर से पिस्तोल मंगाई थी और उसके बाद मुख्यालय में गोली में मार ली। उन्होंने खुदकुशी का फैसला क्यों किया इसको लेकर अभी कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

मौके से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। राजेश काफी समय से तमाम आतंकी संगठनों के स्लीपर मॉड्यूल और भारत में आतंक की साजिशों को बेनकाब कर रहे थे। उत्तराखंड आपरेशन में राजेश साहनी के साथ उनकी टीम में इंस्पेक्टर मंजीत सिंह, एसआई शैलेंद्र गिरी, कंप्यूटर आपरेटर वकील अहमद, कांस्टेबल हरीश और मनोज शामिल थे।

सप्ताह भर पहले ही गिरफ्तार किया था आईएसआई एजेंट

एटीएस मुख्यालय में एडिशनल एसपी राजेश साहनी एटीएस के बेहद शानदार और काबिल अफसरों में गिने जाते थे। बीते सप्ताह आईएसआई एजेंट की गिरफ्तारी समेत कई बड़े ऑपरेशन को राजेश साहनी अंजाम दे चुके थे। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे गोमतीनगर स्थित एटीएस मुख्यालय पर गोली की आवाज से भगदड़ मच गई।

अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो देखा कि राजेश साहनी का शव पड़ा था। इससे मुख्यालय में सनसनी फैल गई। तत्काल सभी बड़े अधिकारियों को खबर दी गई। कई अफसर मौके पर पहुंच गए। राजेश साहनी ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इस बारे में अभी जानकारी नहीं मिल पाई है।