भ्रष्‍टाचार में डूबे बिजली विभाग के अफसर सरकार की योजनाओं को लगा रहे ग्रहण

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लखनऊ। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की महत्‍वकांक्षी सौभाग्‍य योजना बिजली विभाग के कार्मचारियों के गले नहीं उतर रही है। एक तरफ इस योजना के लाभ से हजारों घरों को रोशनी मिली है। तो दूसरी तरफ नये कनेक्‍शन के नाम पर बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा उपभक्‍ताओं से जो वसूली हो रही थी वह  बंद हो गर्इ है। सरकार के इस कदम से भ्रष्‍टाचार में अकंठ डूबे बिजली विभाग के अफसरों का बड़ा झटका लगा है।

बिजली विभाग के भ्रष्‍टाचार की छोटी सी नजीर राजधानी लखनऊ का फतेहगंज पावर हाउस है जहांपर नरौना की रहने वाली शारदा ने बताया कि उनके पास गरीबी रेखा से नीचे का राशन कार्ड होने के बावजूद जेई आनंद सिंह पिछले तीन महिने से उन्हें कनेक्‍शन के लिए दौड़ा रहा है। जब उन्‍होंने कनेक्‍शन में देरी की बाबत आनंद सिंह से बात की तो उसने 1700 रूपये की मांग की। पीडि़त महिला ने जब सौभग्‍य योजना की बात की तो उसने कहा जब योजना आयेगी तब कनेक्‍शन लेना, अगर अभी कनेक्‍शन लेना है तो 1700 दो तुरंत कनेक्‍शन लो।

पीडि़त महिला ने बताया कि तीन महिने से वह बिजली विभाग के चक्‍कर लगा रही हैं परंतु उसे कनेक्‍शन नहीं मिला है जो परिस्‍थितियां हैं उनसे लग रहा है कि कनेक्‍शन मिल भी नहीं पायेगा।

सरकार की ये योजनाएं धरातल पर कितना मूर्त रूप ले पा रही हैं फतेह गंज पावर हाउस इस की एक नजीर है। अगर राजधानी का ये हाल है तो पूरे प्रदेश का क्‍या हाल होगा।