अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा पीएम मोदी की मंत्री कृष्‍णाराज का शाहजहांपुर

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राहुल तिवारी  

शाहजहांपुर। सरकार भले ही प्रदेश में सर्वांगीण विकास व भ्रष्टाचार मुक्त का दावा कर रही हो लेकिन प्रदेश की राजधानी लखनऊ व इसके अगल बगल के जिलो की स्थिति तो शायद कुछ सन्तोषजनक है।

लेकिन प्रदेश के दूर दराज जिलो मे व इन जिलो के ग्रामीण इलाकों में स्थित आज भी काफी दयनीय है जहां न तो यहाँ के निवासियों को जनप्रतिनिधि द्वारा कोई विकास ही किया जा रहा है न ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे मे ही ग्रामीणों को बताया जा रहा है।

हम बात करते है उत्तर प्रदेश के जनपद शाहजहांपुर के विकास खंड जैतीपुर की जहाँ के हालात बद से बदतर है विकास खंड के दर्जनों गांव ऐसे है जहाँ ना तो ग्राम प्रधान व ब्लॉक के अधिकारियों द्वारा गरीब जनता को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है न बल्कि इन ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं के बारे मे कोई जानकारी ही दी जाती है।

जबकि जनपद शाहजहांपुर की सासद कृष्णा राज जो केन्द्रीय मंत्री भी है साथ ही सदर विधायक सुरेश कुमार खन्ना जी जो प्रदेश सरकार मे नगर विकास मंत्री साथ जैतीपुर ब्लाक के चन्द्र कदम की दूरी पर ग्राम डभौरा जहां के निवासी व कटरा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक वीर विक्रम सिंह उर्फ प्रिस है जिसके बाद न तो इस क्षेत्र की रोडे चलने के ही काबिल है।

इन रोडो पर वाहन चलना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है विकास खंड जैतीपुर के अन्तर्गत आने वाले गावों नगरिया खुर्द मजरा ग्राम सभा जल्लापुर के निवासी राजवीर सिंह यादव पुत्र स्व विजेंदर सिंह यादव ने बताया कि हमारे गांव में न ही सरकार द्वारा किसी योजना का लाभ ही दिया जाता है साथ ही गांव के उन ग्रामीणों को ही योजना का लाभ मिलता है जो प्रधान के करीबी है साथ ही ग्राम सचिव व ब्लाक के अधिकारी भी प्रधान के इशारे पर काम करते है।

इसी गांव के निवासी चरन सिंह पुत्र राम पाल का कहना है कि गांव में शौचालय भी उन्हीं को मिले है जो प्रधान के खास है साथ ही शौचालय उन्हें ही मिले जिनके पास है इसके अलावा शौचालय को देख के पता लगाया जा सकता है कि 12000 हजार की धनराशि के ये शौचालय है ही नही  एक व्यक्ति से 5000 रूपये प्रति शौचालय लिए गये गांव की नालियां खंडजा जर्जर है नालियां टूटी पडी है गन्दा पानी रोडो के ऊपर से बह रहा है सफाई कर्मी कभी गांव पहुचता ही नही है।

लेकिन यहां बैठे अधिकारी चाहे व एसडीएम तिलहर हो या खंड विकास अधिकारी जैतीपुर हो या जिले के सी डी ओ या डी पी आर ओ हो इन्हें न तो गांव की जनता से मतलब है कि गांव की जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता हैं या नहीं ये तो बस अपने आफिसो मे बैठे एसी का ही मजा लेने से फूरसत नहीं है आज इन ग्रामीणों मे विकास की योजनाओं व नाली खंडजा जर्जर क्षेत्र की सडकों को लेकर सरकार के प्रति खासो नाराजगी भी है लेकिन इसका जिम्मेदार जिले व ब्लाक के अधिकारी है।वहीं बझेडा भगवान पुर के निवासी श्री देव मिश्रा का कहना है कि यहाँ जो आवास आते है एक लाख बीस हजार के उसमे अधिकारी पहले ही बीस हजार ले लेते है।

क्षेत्र में सिचाई हेतु कुछ ही सरकारी नलकूप चलते हैं ज्यादातर खराब है जिस पर आपरेटर तक ध्यान नही देते श्री देव ने बताया कि फरीदपुर से गौहापुर तक लगभग 10 वर्षों खराब पडी नहर मे पानी तक नही आता साथ ही क्षेत्र के गावो मे हैडपंपों की भी काफी समस्या है काफी हैडपम्प खराब पडे है कोई देखने वाला नही है।किसानों का गन्ना खेतो मे खडा है।

केवल बिचौलियों द्वारा ही खरीद की जाती है श्री देव का कहना है कि लोगों ने खेतो मे कटर तार लगवाया है जिससे गाय कटकर घायल हो जाती है इसे भी बन्द करवाने की जरूरत है।