दो लड़कियों का प्‍यार चढा परवान, लड़की ने दुल्‍हा बन रचाया ब्‍याह

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दो लड़कियों ने अपने समलैंगिक रिश्तों को शादी में बदलने के लिए ऐसा कारनामा किया
जिसे जानकर लोगों के होश उड़ गए।
दरअसल एक सामूहिक विवाह के दौरान एक लड़की ने लड़का बनकर रजिस्ट्रेशन कराया।
वहीं दूसरी ने दुल्‍हन बनने की इच्छा जाहिर की।

हैरानी की बात तो यह कि सामूहिक विवाह में दोनों की शादी भी हो गई
और दूल्हा बनी लड़की अपनी सहेली को विदा करा कर दूसरी जगह रहने चली गई।
दूल्हा बनी लड़की के परिजनों ने जब उसकी खोजबीन शुरू की तो भेद खुला
और अब दोनों के परिजन पुलिस की शरण में हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में रहने वाली दो लड़कियों के बीच काफी अरसे से समलैंगिक संबंध थे।

दोनों शादी करना चाहती थी, लेकिन परिवार तैयार नहीं थे।
उन्होंने रिश्ते को शादी में बदलने के लिए एक नायाब प्लान
बनाया और दिन चुना डॉ आंबेडकर जयंती का।

बता दें कि डॉ आंबेडकर जयंती पर आगरा में पांच दिवसीय भीमनगरी का बड़ा कार्यक्रम होता है,
इसके अंतिम दिन सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाता है।
इसी का फायदा उठाकर सामूहिक विवाह सम्मेलन में एक लड़की ने
लड़का बनकर रजिस्ट्रेशन करवाया जबकि दूसरी उसकी वधु बनी।

फिर 16 अप्रैल को सम्मेलन में दोनों की शादी भी हो गई।
किसी को इस बात की खबर तक नहीं लगी।

दोनों भीमनगरी द्वारा दिए गए किराए के घर में रहने भी चली गई।
हैरानी की बात यह कि शादी में दोनों ने किराए पर कुछ लोगों को अपना परिजन बताया।
इस मामले का भेद तब खुला जब दूल्हा बनी लड़की अपने घर नहीं पहुंची,
चिंतित परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी।

फिर रविवार को परिजनों को किसी ने बताया कि वह किसी लड़की के साथ
लड़का बनकर एक किराए के मकान में रह रही है।
यह सुनकर परिवार के लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई और परिजन कई लोगों के साथ मौके पर जा पहुंचे।

दोनों पक्षों में जबरदस्त आरोप-प्रत्यारोप होने लगा, नौबत मारपीट तक आ गई।
कुछ लोगों ने बीच बचाव कर दोनों पक्षों को थाने जाने की सलाह दी।

थाने में लड़कियां साथ में रहने की जिद पर अड़ी

थाने में लड़कियां साथ में रहने की जिद पर अड़ी रहीं।
दोनों का कहना था कि हमने सहमति से शादी की है इसलिए साथ ही रहेंगे।
पुलिस को भी समझ नहीं आ रहा है कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाए।

एसओ एत्माद्दौला ने बताया है कि मामला सुनने के बाद दोनों युवतियों को बयान रजिस्टर कराने के लिए संबंधित मैजिस्ट्रेट के यहां भेज दिया गया है।
थाने में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।