बंथरा पुलिस की कार्यशैली से अपराधियों के हौसले बुलंद

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लखनऊ । दो दिन के अंदर बंथरा थाना क्षेत्र में अपराधिक घटनाएं होने लगी हैं इससे क्षेत्र की जनता में भय उत्पन्न हो गया है। पुलिसिया कार्रवाई पुराने ढर्रे पर ही चल रही है जिसको लेकर जनता में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

पुलिस की संवेदनहीनता को लेकर लोगों में भयंकर आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय थाना अंतर्गत गुरुवार की रात थाने से मात्र कुछ ही दूरी पर ग्राम नुर्दीखेड़ा में बदमाशों ने धावा बोलते हुए पति-पत्नी को बुरी तरीके से मारपीट कर लहूलुहान करके जेवरात व नगदी रूपये लूट ले जाने जैसी डकैती की घटना को सनसनीखेज अंजाम दिया उसको लेकर गांववासी आज भी दहशत में है।

नुर्दीखेड़ा गांव में हुई डकैती जैसी सनसनीखेज वारदात की आग अभी ठंडी नहीं हो पाई थी कि थाना क्षेत्र के ही दयाल खेड़ा गांव में किसान के घर चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम देकर लाखों का सामान पार कर दिया।

वहीं इसी शुक्रवार की रात बंथरा थाने से मात्र आधा किलो मीटर की दूरी पर बंथरा गांव में एक किसान के घर चोरों ने धावा बोला जिसमें परिजनों के जाग जाने पर एक व्यक्ति को लोगों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले भी किया, लेकिन थाने की पुलिस इस चोर को पकडे जाने की सूचना को पूरी तरीके से छुपा कर मामला रफा-दफा कर दिया। अन्य साथियों की तलाश करना भी जरूरी नहीं समझा। जानकारी होने पर जब से संबंध में पुलिस से पूछा गया तो पुलिस इस तरह की घटना हुई है इस बात को साफ इंकार कर गई।

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जबकि सूत्र बताते हैं कि उपरोक्त जनता द्वारा पकड़े गए चोर को पुलिस ने दिनभर थाने में हथकड़ी डाल कर बैठा रखा और मामला शाम को तय हो जाने के बाद उसे छोड़ दिया गया। बंथरा पुलिस की कार्यशैली अपराधियों के प्रति इस तरह की जब है तो अपराधिक घटनाओं पर कैसे रोक लगेगी। पुलिसकर्मी अधिकांश अवैध धन उगाही व अवैध धंधों के कार्य से वसूली करने में व्यस्त रहते हैं। थाने की पुलिस की इस तरह की करतूतों की वजह से अपराधिक घटनाओं पर रोक नहीं लग पाती है।

जिस तरह दो दिनों में एक के बाद एक डकैती एवं चोरी जैसी अपराधिक घटनाएं ताबड़तोड़ घटी हैं उससे लगता है कि फिर एक बार अपराधियों ने अपराध जैसी घटनाओं के देने के लिए बंथरा थाना क्षेत्र को ही महफूज जगह चुना है क्योंकि पुलिस का रवैया भी अपराधियों के प्रति कितना लचीला है। मालूम हो कि दो माह पूर्व फरवरी के महीने में दनादन हुई लूट चोरी जैसी कई अपराधिक घटनाओं की वजह से क्षेत्र की जनता की नींद हराम हो गई थी और गांव में रतजगा और पहरा पडने लगा था। एक बार फिर अपराधी उसी तर्ज पर घटनाओं को अंजाम देने का प्रयास करने लगे हैं जिसको लेकर नागरिकों में अपराधियों का भय उत्पन्न हो गया है।