काला हिरण शिकार मामले में सलमान दोषी : सजा पर बहस जारी, अन्‍य सभी बरी

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जोधपुर। बीस साल पुराने काला हिरण शिकार मामले में जोधपुर कोर्ट ने सलमान खान को दोषी करार दिया है।
उन्हें छह साल जेल की सजा सुनाई जा सकती है।
इस केस में सह आरोपी सैफ अली, तब्बू, सोनाली और नीलम को संदेह के लाभ पर बरी कर दिया गया है।
पेशी के लिए ये सभी बुधवार को यहां पहुंच गए थे।
मामला सितंबर-अक्टूबर 1998 का है।
तब ये सभी फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के सिलसिले में राजस्थान में थे।
सलमान खान और उनके साथियों पर 2 चिंकारा और 3 काले हिरणों (ब्लैक बक) के शिकार का आरोप लगा था।
सलमान पर आर्म्स एक्ट के तहत भी केस दर्ज हुआ था।
डॉ. नेपालिया की रिपोर्ट में खामी वाली और भरोसे लायक नहीं।
मेडिकल बोर्ड की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों काले हिरणों की मौत गन शॉट इंजरी से बताई।

मामला बैक डेट में दर्ज के तर्क पर अभियोजन ने तर्क दिया कि 2 अक्टूबर 1998 को डॉ. नेपालिया को पोस्टमार्टम के लिए तहरीर दी थी।
उसी दिन नेपालिया ने पोस्टमार्टम किया।
साफ है कि कार्यवाही 2 अक्टूबर को शुरू कर दी थी।
सुबह तत्कालीन उपवन संरक्षक एमएल सोनल के सामने जोधपुर में रिपोर्ट पेश की थी और वे तुरंत मौके पर रवाना हुए थे।
अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के विरुद्ध संदेह से परे अपराध साबित किया,
सभी आरोपियों को दोषी मान सजा दी जाए।

बचाव पक्ष के तर्क

सलमान के वकील हस्तीमल सारस्वत ने तर्क दिया कि 2 अक्टूबर 1998 को तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट कार्यवाही की थी।
उस दिन शिकार की बात ही नहीं थी।
छह दिन बाद शिकार की झूठी कहानी बना कर एफआईआर दर्ज की गई।
मृत हिरणों के कुछ अंग विधि विज्ञान लैब में जांच के लिए भेजे गए थे।
प्रयोगशाला ने गन शॉट इंजरी की पुष्टि नहीं की।
अभियोजन साबित नहीं कर पाया कि हिरणों का बंदूक से शिकार हुआ।

उन्होंने अंतिम बहस को समाप्त कर तर्क दिया कि सलमान की सूचना पर या उसके आधिपत्य से कोई वस्तु बरामद नहीं हुई, जो अपराध से जोड़ती हो।
अगर बंदूक से शिकार किया जाता तो गोली मृत हिरणों के शरीर में या घटनास्थल पर मिलती।
दोनों से कोई वस्तु बरामद नहीं हुई।
2 अक्टूबर को ही डॉ. नेपालिया ने हिरणों का मौके पर ही पोस्टमार्टम किया था,
जिसकी रिपोर्ट के मुताबिक एक हिरण की मौत ज्यादा खाने से दम घुटकर हुई और दूसरे हिरण की मौत गड‌्ढे में गिर जाने और उसे कुत्तों के खा लेने से हुई।
अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 51 गवाहों की सूची पेश की,
लेकिन इनमें से सिर्फ 28 के ही गवाही हुई।

चल रहे कई केस

कुल चार केस थे। तीन हिरणों के शिकार के और चौथा आर्म्स एक्ट का।
दरअसल, तब सलमान के कमरे से उनकी निजी पिस्टल और राइफल बरामद की गई थीं, लेकिन इन हथियारों की लाइसेंस की मियाद खत्म हो चुकी थी।

सलमान पर जोधपुर के घोड़ा फार्म हाउस और भवाद गांव में 27-28 सितंबर 1998 की रात हिरणों का शिकार करने का आरोप।
कांकाणी गांव में 1 अक्टूबर को 2 काले हिरणों के शिकार करने का आरोप।

कांकाणी गांव शिकार मामले में गवाहों ने कोर्ट में बताया था कि गोली की आवाज सुनकर वे मौके पर पहुंचे थे।
शिकार सलमान ने किया था। जीप में उनके साथ सैफ अली, नीलम, सोनाली और तब्बू भी थे।
इन पर सलमान को उकसाने का आरोप है।
गांव वालों को देखकर सलमान मारे गए हिरणों को वहीं छोड़कर गाड़ी लेकर चले गए थे।

3 साल से ज्यादा की सजा पर जाना पड़ेगा जेल

सलमान और बाकी आरोपियों को अगर 3 साल से अधिक सजा होती है तो हर हाल में जेल जाना पड़ेगा।
सेशन कोर्ट में अपील दायर कर सजा सस्पेंड करानी पड़ेगी,
लेकिन जब तक सेशन कोर्ट से सजा सस्पेंड नहीं होगी, तब तक जेल में रहना पड़ेगा।
3 साल या इससे कम सजा हुई तो उन्हें सेशन कोर्ट से ही बेल मिल सकती है।

सलमान को जान से मारने की धमकी, पुलिस की सांसें अटकीं

पंजाब-हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई ने कुछ महीने पहले ही कोर्ट में पेशी के दौरान सलमान को जान से मारने की धमकी दी थी।

लॉरेंस अभी भरतपुर जेल में है, लेकिन उसके 20 गुर्गे जोधपुर जेल में बंद हैं।
पुलिस ने जेल डीजी को लेटर लिखा है लिखकर सलमान और अन्य कलाकारों की जेल में सुरक्षा का अनुरोध किया है।
डीआईजी जेल ने कहा है कि फिल्म कलाकार जेल आते हैं तो
उन्हें सभी कैदियों से अलग रखा जाएगा।

बता दें कि मुंबई में शूटिंग के वक्त भी अनजान आदमी के हथियार लेकर सलमान के पास पहुंचने की खबर पर उन्हें पुलिस सुरक्षा में घर पहुंचाया गया था।