सरकारी योजनाओं को पलीता लगा रहे ग्राम प्रधान, अपात्रों को मिल रहा लाभ

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राहुल तिवारी  

लखनऊ। विकास से कोसो दूर है सरोजनी नगर का रामदासपुर, सादुल्‍ला नगर सरकार के कडे निर्देश के बावजूद अधिकारी नही करते स्थलीय निरीक्षण, सरकार अधिकारियों को गावों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां के हालातों, वहां का विकास साथ ही गाँव की जनता के साथ चौपाल लगाकर उनकी व गाँव की समस्या की जानकारी करने के कडे निर्देश दे रही है।

अधिकारी गाँव के विकास व वहां के हालातो से बिल्कुल बेखबर हैं ये अधिकारी अपने आफिस में आने के बाद एसी से निकलने का नाम ही नही लेते हैं। जिसके चलते आज हालत यह है कि गांव में ग्राम प्रधान अपनी ही मनमानी चला रहे हैं।

सरकार की योजनाएं भी उन्हीं को नसीब होती हैं जो ग्राम प्रधान के काफी करीबी माने जाते हैं। हाल यह है कि गावों मे ज्यादातर प्रधानमंत्री आवास हों या फिर शौचालय इन्हीं लोगों को नसीब होते हैं। सबसे अहम बात यह भी है कि कुछ तो प्रधान कोई समाजवादी पार्टी से सम्बद्ध रखता है तो कोई बहुजन समाज पार्टी से, जिसके चलते ऐसे प्रधान सरकार की योजना पात्रों को न देकर अपने खास व आपात्रो को देकर कोरम पूरा कर लेतें हैं।

पात्र वंछित रह जाते है और सरकार की छवि धूमिल होने मे ये अधिकारी चाहे जिले के डीएम हो या सी डी ओ या प्रधान इन सबकी मिलीभगत से आज सरकार की छवि धूमिल करवाने में कोई कोर कसर नही छोडा रहे हैं।

आज दशा यह है कि सरोजनी नगर के दर्जनों गांवों के लोग सरकार को कोस रहे हैं इन गावों में नाली, खडजे, जर्जर पडे हैं गांवो की नालियां बजबजा रही हैं। सफाई कर्मचारियों का अता पता नहीं, यहां तक गांवो में केंन्द्र सरकार की स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत आज तक शौचालय तक नही मिल सके।

सरकार की बात ये अधिकारी मानकर अगर ये अधिकारी गांवों का स्थलीय निरीक्षण करें तो पर्दे के पीछे क्या है सब दिखाई पड़ जायेगा। साथ ही प्रधानो ने सरकार की योजना का लाभ चाहे वह प्रधानमंत्री आवास हो या फिर अन्य योजना जिसको मिली है क्या वो सही है कि नही। इसकी जांच करने वाला कोई नहीं है।