सरोजनी नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डाक्‍टरों की लापरवाही चरम पर

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लखनऊ। सरोजनी नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक बार डाक्टरों की लापरवाही ने फिर एक मासूम की जान ले ली। बेती गांव की निवासी अतुल तिवारी ने अपनी पत्‍नी को बीते रात गुरुवार को लगभग 9 बजे सरोजनी नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे भर्ती कराया था।

जहां डिलीवरी होनी थी लेकिन डाक्टरों की हीला हवाली के चलते बच्चे की मृत्यु गर्भ में ही हो गयी। जिसके बाद अस्पताल के डाक्टरों ने मामला बढता देख प्रसुता आरती को क्वीन मेरी मेडिकल कालेज रिफर करने का दबाव बनाने लगे। जिसके चलते परिजनों में डाक्टरों के इस रवैए से काफी आक्रोशित है।

बताते चले इससे पहले भी डाक्टरों की हीलाहवाली से कई मासूमों की गर्भ में ही मौत हो गई लेकिन शासन प्रशासन ने अस्पताल प्रशासन पर कोई भी कार्यवाही करने की हिम्मत नहीं जुटाई।

सांसद कौशल किेशोर ने लिया घटना का संज्ञान

बेती निवासी आरती पत्नी अतुल तिवारी के बच्चे की मौत के मामले को लेकर मोहनलाल गंज से भाजपा सासद कौशल किशोर ने सरोजनी अस्पताल प्रशासन की घोर निन्दा करते हुए कहा कि अस्पताल प्रशासन की हीला हवाली आज बच्चे की मौत का कारण बनी है। सांसद किशोर ने कहा पहले भी मुझे कई शिकायतें सरोजनी नगर के अस्पताल डॉक्टरों के खिलाफ मिल चुकी हैं इससे पहले भी कई बच्चों की मौतें हो चुकी हैं।

सांसद कौशल किशोर ने कहा लगातार सरोजनी नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिलीवरी के दौरान हुई बच्चों की मौतों को लेकर प्रशासन कोई भी कार्यवाही नहीं कर रहा है मैं इस संबंध में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं सीएमओ से मिलकर बेंती निवासी आरती तिवारी के बच्चे की मौत को लेकर अस्पताल प्रशासन पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए शासन व प्रशासन से बात करूंगा ताकि भविष्य में किसी भी जच्चा बच्चा के साथ इस तरह की कोताही ना बरती जाए ताकि किसी मासूम की जान जा सके।