90 साल की उम्र में समधन से आशनाई की मिली दर्दनाक सजा, जानिए क्‍या मामला

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ललितपुर। इश्क किसी भी उम्र में जानलेवा होता है।
लेकिन अगर यह बुढ़ापे में हो तो कयामत ही आ जाती है।
क्योंकि, उम्र के साथ साथ कई नए रिश्ते भी बन जाते हैं और उनसे पार पाकर इश्क में कामयाब होना नामुमकिन हो जाता है।

90 साल की उम्र में समधन से प्‍यार

ऐसा ही कुछ हुआ इस बुजुर्ग के साथ।
90 साल के बुजुर्ग की समधी की पत्नी पर बुरी नज़र थी जिसकी वजह से उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी। पुलिस के मुताबिक वो अपने समधी की पत्नी को अपने पास रखना चाहता था।
यह मामला सदर कोतवाली थाना क्षेत्र का है जहां मंगलवार को सुबह करीब चार बजे एक समधी ने कुल्हाड़ी से काटकर अपने ही समधी की निर्मम हत्या कर दी।

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समधी और समधन का रिश्ता बहुत ही इज्जत और मान-मर्यादा का होता है।
लेकिन, एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक समधी दूसरे समधी की पत्नी पर बुरी नजर रख रहा था। और जैसा की इस तरह के मामलों में होता है।
समधी को मौत मिली वो भी दर्दनाक।
दरअसल, एक 90 साल के बुजुर्ग को अपने समधी की पत्नी से इश्क हो गया।
मामला इतना बढ़ गया है कि दूसरे समधी ने उनकी हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, 90 साल के बुजुर्ग की समधी की पत्नी पर बुरी नज़र रख रहे थे।

इस मामले के सामने आने के बाद गांव में हड़कंप मच गया।
हत्या के आरोपी 90 साल के बुजुर्ग का नाम चुतर है और उसने अपना गुनाह भी कुबूल कर लिया है। चुतर ने पुलिस के सामने जो कहानी बताई उसे सुनकर सभी हैरान हो गए।
चुतर के मुताबिक उसकी डुकरिया (बुजुर्ग पत्नी) को उसका समधी एक साल से अपने पास रखे हुए था। इसके साथ ही उसने उसकी पत्नी को बहला फुसलाकर जमीन की बिक्री का लगभग एक लाख 70 हजार रुपया भी निकलवा लिया था।

वो उसकी पत्नी को छोड़ नही रहा

चुतर के मुताबिक, वो उसकी पत्नी को छोड़ नही रहा था।
इसलिएम मैंने कुल्हाड़ी से उसकी हत्या कर दी।
दरअसल यह पत्नी पर गलत नजर रखने व सम्पत्ति के पैसो को बंटवारे का मामला है।
खबर के अनुसार, मध्य प्रदेश के गंज बासोदा शहर में रहने वाले चतुर की चार लड़कियां हैं।
चतुर अपनी सभी लड़कियों की शादी करने के बाद अपनी छोटी बेटी
ममता के यहां कई दिनों तक रुका करता था।
हाल ही में उसने अपनी एक सम्पत्ति बेची और पैसे तीनों बेटियों में बांट
कर जो बचा उसे अपनी पत्नी के बैंक खाते में जमा कर दिया।

चतुर ने इसके बाद अपनी सारी संपत्ति बेच दी और पत्नी को लेकर अपने
समधी व दामाद के घर में आकर रहने लगा।
लेकिन समधी की नजर उसकी पत्नी पर थी और बेटे की नजर पैसे पर।
दोनों ने मिलकर उससे पत्नी और पैसा दोनों ले लिया।
वो कई दिनों से चतुर को अपनी पत्नी से नहीं मिलने देते रहे थे।
इसी विवाद के चलते चतुर ने अपनी समधी की हत्या कर दी।
मारे गए समधी का नाम हरप्रसाद पुत्र दुल्लेराम विश्वकर्मा (90 वर्ष) है
जो सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम महर्रा का रहने वाला था।